Flash Story
ऋषिकेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती, बिना मानचित्र निर्माण को किया सील
ऋषिकेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती, बिना मानचित्र निर्माण को किया सील
तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
उत्तराखंड में सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ-2026, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं
उत्तराखंड में सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ-2026, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं
रूम फ्रेशनर की खुशबू के पीछे छिपा खतरा? ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती हैं ये परेशानियां
रूम फ्रेशनर की खुशबू के पीछे छिपा खतरा? ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती हैं ये परेशानियां
मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा
मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा
‘जन नायकन’ की OTT रिलीज डेट तय, 21 अगस्त से ZEE5 पर होगी स्ट्रीम
‘जन नायकन’ की OTT रिलीज डेट तय, 21 अगस्त से ZEE5 पर होगी स्ट्रीम
सोमेश्वर के धौलाघाट में श्रम विभाग का विशाल किट वितरण कार्यक्रम आयोजित
सोमेश्वर के धौलाघाट में श्रम विभाग का विशाल किट वितरण कार्यक्रम आयोजित
पीपलकोटी टनल हादसा: लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10
पीपलकोटी टनल हादसा: लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10
कृषि यंत्र सब्सिडी की फाइल बढ़ाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार
कृषि यंत्र सब्सिडी की फाइल बढ़ाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार

महाराज ने यूसीसी में एक साल की समय सीमा के प्रावधान को किया स्पष्ट

महाराज ने यूसीसी में एक साल की समय सीमा के प्रावधान को किया स्पष्ट

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने यूसीसी सेवाओं के लिए एक साल की समय सीमा के प्रावधान को लेकर स्पष्ट किया है कि उक्त समय सीमा का संबंध सिर्फ उच्च के तहत होने वाली शादी, विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन जैसे पंजीकरण से है। इसे किसी भी अन्य सेवा शर्त नियम या अधिकार से जोड़े जाने का कोई औचित्य नहीं है।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी देश या राज्य में किसी भी स्थान पर सामान्य निवास के दौरान वहां के पते पर अपना वोटर कार्ड, डीएल या अन्य दस्तावेज बनवा लेता है तो इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि उसे संबंधित देश या राज्य के मूल या स्थाई निवासी का दर्जा मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मूल एवं स्थाई निवासी बनने के लिए अलग नियम है जो कि पहले से ही चले आ रहे हैं उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने यूसीसी सेवाओं के लिए एक साल की समय सीमा के प्रावधान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यूसीसी के तहत किया गया कोई भी पंजीकरण उत्तराखंड का स्थाई निवास या मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रधान नहीं करेगा। स्थाई निवास या मूल निवास का दर्जा केवल संबंधित प्रावधानों के तहत ही दिया जा सकता है ना कि यूसीसी के तहत। कहने तात्पर्य यह है कि यूसीसी पंजीकरण का उत्तराखंड के मूल या स्थाई निवासी प्रमाण पत्र से कोई लेना देना नहीं है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के विषय को स्पष्ट करते हुए कहा है कि अगर कोई महिला या पुरुष उत्तराखंड में निवासरत किसी युवक या युवती के साथ लिव- इन रिलेशनशिप में रहना चाहता है या चाहती है तो उन्हें इसके लिए अनिवार्य पंजीकरण करना ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top