Flash Story
कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी
कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी
विशिष्ट पहचान बना रही है आदि कैलाश परिक्रमा: महाराज
विशिष्ट पहचान बना रही है आदि कैलाश परिक्रमा: महाराज
पौड़ी में दून हैचरीज की भूमि खरीद मामले की जांच तेज, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक
पौड़ी में दून हैचरीज की भूमि खरीद मामले की जांच तेज, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक
सीएमओ डॉ. मेघना असवाल का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश
सीएमओ डॉ. मेघना असवाल का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश
उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती बढ़ेगी, मुख्य सचिव ने NCORD बैठक में दिए कड़े निर्देश
उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती बढ़ेगी, मुख्य सचिव ने NCORD बैठक में दिए कड़े निर्देश
चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू
चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू
जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि
जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात
काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण
काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

आपातकाल के दौरान गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों को झेलना पड़ा सबसे ज्यादा उत्पीड़न- पीएम मोदी

आपातकाल के दौरान गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों को झेलना पड़ा सबसे ज्यादा उत्पीड़न- पीएम मोदी

आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को पीएम मोदी ने किया नमन

नई दिल्ली। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को लोकतंत्र के महत्व की याद दिलाई और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 25 जून 1975 को लागू हुए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह वो समय था जब सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार ने संविधान और संस्थाओं का दमन किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में 25 जून 1975 सबसे दुखद दिन के रूप में याद किया जाता है। उस दिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल लागू कर संविधान की मूल आत्मा को कुचलने की कोशिश की थी। संसद की आवाज को दबाया गया, मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई और न्यायपालिका को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि 42वां संविधान संशोधन उस दमनकारी सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है।

पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल के दौरान गरीबों, वंचितों, दलितों और अल्पसंख्यकों को सबसे ज्यादा उत्पीड़न झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए देशभर से लोग एकजुट हुए और कांग्रेस सरकार को चुनाव कराने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसमें उन्हें करारी हार मिली।

प्रधानमंत्री ने उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया जिन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि वे हर क्षेत्र, हर विचारधारा से थे लेकिन उनका मकसद एक था — लोकतंत्र की बहाली।

मोदी ने बताया कि उस समय वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक युवा प्रचारक थे और आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े थे। इस अनुभव ने उन्हें लोकतंत्र के मूल्य और नागरिक स्वतंत्रता की अहमियत सिखाई। उन्होंने बताया कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक द इमरजेंसी डायरीज में उनकी यात्रा को दर्ज किया गया है, जिसकी प्रस्तावना पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने लिखी है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि अगर उनके या उनके परिवारों के पास आपातकाल से जुड़े अनुभव हैं, तो वे उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि युवाओं को उस दौर की भयावहता के बारे में जागरूक किया जा सके।

अंत में उन्होंने कहा कि आज की सरकार संविधान की भावना को सशक्त बनाने, लोकतंत्र को मजबूत करने और गरीबों-वंचितों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top