Flash Story
चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू
चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू
जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि
जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात
काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण
काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण
राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, डीएम गौरव कुमार ने दिए सख्त निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, डीएम गौरव कुमार ने दिए सख्त निर्देश
24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी- मुख्य सचिव
24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी- मुख्य सचिव
‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ योजना मे बेटियों को मिला लाभ, यह बना राष्ट्रीय आंदोलनः- डा. नरेश बंसल’
‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ योजना मे बेटियों को मिला लाभ, यह बना राष्ट्रीय आंदोलनः- डा. नरेश बंसल’
तीन चरणों में होगा खेल महाकुंभ, जिलाधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा 
तीन चरणों में होगा खेल महाकुंभ, जिलाधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा 
2036 ओलंपिक संकल्प कांवड़ यात्रा को संतों का मिला आशीर्वाद
2036 ओलंपिक संकल्प कांवड़ यात्रा को संतों का मिला आशीर्वाद

रक्षा लेखा विभाग की भूमिका केवल कागजी नहीं, रणनीतिक है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा लेखा विभाग की भूमिका केवल कागजी नहीं, रणनीतिक है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन

रक्षा लेखा विभाग को आधुनिक और रणनीतिक वित्तीय संस्था में बदलने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित रक्षा लेखा विभाग (DAD) के तीन दिवसीय नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की सैन्य क्षमताओं, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि “शांति का समय भ्रम हो सकता है, इसलिए रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना अब आवश्यकता बन गया है।”

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता भी प्रमाणित की। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं को नई दृष्टि से देख रही है। हमारे घरेलू रक्षा उपकरणों की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है और भारत के लिए इसमें बड़ी संभावनाएं हैं। “इस बदलते सुरक्षा परिदृश्य में वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक बजटीय प्रबंधन की भूमिका बेहद अहम है,”।

राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा विभाग की भूमिका को ‘सिर्फ लेखांकन’ तक सीमित न मानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग की ईमानदारी और पारदर्शिता का असर सीधे उन सैनिकों तक पहुंचता है जो सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। “यह केवल वित्तीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा दायित्व भी है,”।

उन्होंने बताया कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने पहली बार जैम पोर्टल के जरिए पूंजीगत खरीद को स्वीकृति दी है, जो पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही यह जानकारी दी कि विभाग व्यापक वेतन प्रणाली और केंद्रीकृत डाटाबेस विकसित करने पर भी काम कर रहा है।

सम्मेलन का उद्देश्य और थीम:
तीन दिवसीय यह सम्मेलन रक्षा लेखा विभाग को पारंपरिक लेखा प्रणाली से आगे ले जाकर आधुनिक, रणनीतिक और दक्ष रक्षा वित्तीय संस्था में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “वित्तीय सलाह, भुगतान, ऑडिट और रक्षा वित्त एवं अर्थशास्त्र के माध्यम से लेखांकन में बदलाव” रखी गई है।

मुख्य बिंदु और सत्र:
सम्मेलन में आठ उच्चस्तरीय ‘मंथन सत्र’ आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बजट सुधार, आंतरिक ऑडिट, मूल्य निर्धारण, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर मंथन होगा। इसमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए IFA प्रणाली की भूमिका को भी स्पष्ट किया जाएगा।

डीएडी की वर्तमान भूमिका और भविष्य की दिशा:
वर्तमान में डीएडी ₹26.8 लाख करोड़ के रक्षा बजट का प्रबंधन कर रहा है, जिसमें से ₹1.7 लाख करोड़ पेंशन मद में निर्धारित है। विभाग देशभर में 200 से अधिक सेवा केंद्र संचालित कर रहा है और MIS आधारित प्रणाली से प्रदर्शन मूल्यांकन को बेहतर बना रहा है।

सम्मेलन के दौरान ‘सतर्क, चुस्त, अनुकूल’ जैसे नए मिशन स्टेटमेंट और स्लोगन का अनावरण भी किया जाएगा। वर्ष 2025 को “सुधार वर्ष” घोषित करते हुए इसे भारत की रक्षा वित्त प्रणाली को भविष्य के लिए सक्षम बनाने का एक निर्णायक क्षण बताया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top