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ताबड़तोड़ बैटिंग में सीएम धामी, दो दिन में 7 विभागों की कर डाली समीक्षा

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‘गेमचेंजर योजनाओं’ से गुड गवर्नेंस का दिया साफ संदेश

पीएम मोदी के विजन को दे रहे मूर्त रूप

अब सिर्फ फाइलें खंगालने का नहीं, ज़मीन पर नतीजे देने का समय है- सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फुल फॉर्म में हैं। तेज़ रफ्तार फैसले, बैक-टू-बैक विभागीय समीक्षा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सख्त फोकस के जरिए उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार गति, पारदर्शिता और परिणाम आधारित शासन की दिशा में पूरी ताकत से जुटी है। सरकार का एक मात्र फोकस जनता को गुड गवर्नेंस देना है।

बीते दो दिन से सीएम धामी बैक टू बैक बैठक ले रहे हैं और इन बैठक के केंद्र में है वे योजनाएं जिन्हें स्वयं मुख्यमंत्री धामी ने ‘गेमचेंजर योजनाओं’ का दर्जा दिया है। ये योजनाएं उनकी निगरानी में चल रही हैं और समय-समय पर वे खुद इनकी प्रगति की समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से उत्तराखंड का भविष्य बदल सकता है।

सीएम धामी ने दो दिन में जिन विभागों की बैठक ली उनमें लोक निर्माण विभाग, परिवहन, उद्योग, नागरिक उड्डयन, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी विकास और ग्रामीण विकास विभाग शामिल रहे। इन विभागों की प्रमुख योजनाओं को लेकर सीएम धामी ने अधिकारियों से टाइमबाउंड एक्शन प्लान की मांग की और यह स्पष्ट किया कि “अब सिर्फ फाइलें खंगालने का नहीं, ज़मीन पर नतीजे देने का समय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस कोई स्लोगन नहीं, बल्कि उनकी सरकार की कार्यसंस्कृति है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि योजनाओं की रफ्तार धीमी रही या जनता तक उसका लाभ नहीं पहुंचा, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। सीएम ने निर्देश दिए कि योजनाओं की मॉनिटरिंग में तकनीक को भी प्राथमिकता दी जाए। बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन को अपनाया जाए और अधिकारी खुद फील्ड विजिट कर जनता से सीधा संवाद करें।

सीएम धामी की यह सक्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से गहराई से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने 21वीं सदी के इस दशक को ‘उत्तराखंड का दशक’ बताया था। मुख्यमंत्री का फोकस है कि उत्तराखंड विकास, निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक रोल मॉडल बनकर उभरे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ताबड़तोड़ बैठकें, स्पष्ट दिशानिर्देश और समयबद्ध लक्ष्य ने यह साबित कर दिया है कि अब उत्तराखंड में घोषणाओं की नहीं, क्रियान्वयन की राजनीति चलेगी।

कुल 24 गेम चेंजर योजनाएं

प्रदेश को विकसित बनाने के लक्ष्य में सीएम धामी ने हर विभाग की जिम्मेदारी और सहभागिता तय की है। जिसके तहत संपूर्ण प्रदेश में 24 गेम चेंजर योजनाएं बनाई गई हैं, जिनका सीएम धामी समय-समय पर स्वयं अवलोकन करते रहते हैं। इन विभागों में कृषि, पशुपालन, सगंध पौध केंद्र, मत्स्य, उद्यान, वन, ग्राम्य विकास, शहरी विकास, स्टांप एवं निबंधन विभाग, पंचायती राज, श्रम, पर्यटन, परिवहन, माध्यमिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, नियोजन, ऊर्जा, चाय बोर्ड, सिंचाई, स्वास्थ्य और लोनिवि प्रमुख हैं।

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