Flash Story
प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, युवाओं को रोजगार से जोड़ें अधिकारी: डीएम
प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, युवाओं को रोजगार से जोड़ें अधिकारी: डीएम
जज फार्म में गंदे पानी की शिकायत पर सांसद अजय भट्ट ने डीएम को लिखा पत्र
जज फार्म में गंदे पानी की शिकायत पर सांसद अजय भट्ट ने डीएम को लिखा पत्र
सीएम हेल्पलाइन की डीएम ने की समीक्षा, 92 लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
सीएम हेल्पलाइन की डीएम ने की समीक्षा, 92 लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
33 समस्याओं में 13 का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की भी समीक्षा
33 समस्याओं में 13 का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की भी समीक्षा
आदि कैलाश क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक होगी अल्ट्रा मैराथन
आदि कैलाश क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक होगी अल्ट्रा मैराथन
जनसुनवाई में डीएम अपूर्वा पाण्डे ने सुनीं 07 शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनसुनवाई में डीएम अपूर्वा पाण्डे ने सुनीं 07 शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सुवाखोली में सेवा संकल्प अभियान के तहत कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कृषि मंत्री गणेश जोशी
सुवाखोली में सेवा संकल्प अभियान के तहत कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कृषि मंत्री गणेश जोशी
जनता दरबार में पहुंचे 22 जनप्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता दरबार में पहुंचे 22 जनप्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

टिहरी बांध की झील अपनी अधिकतम क्षमता के करीब, THDC ने शुरू किया जल छोड़ा

टिहरी बांध की झील अपनी अधिकतम क्षमता के करीब, THDC ने शुरू किया जल छोड़ा

नई टिहरी: लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते टिहरी बांध की झील तेजी से अपनी अधिकतम क्षमता की ओर बढ़ रही है। झील का जलस्तर गुरुवार तक 826.11 मीटर आरएल (रीवर लेवल) तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 830 मीटर आरएल निर्धारित है। अब इसमें मात्र 3 मीटर पानी भरने की क्षमता शेष है।

भागीरथी और भिलंगना नदियों के साथ-साथ अन्य सहायक नदियों से प्रतिदिन झील में 1200 क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। इसमें 500 क्यूमेक्स भागीरथी, 400 क्यूमेक्स भिलंगना, तथा 300 क्यूमेक्स अन्य नदियों से आ रहा है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए टीएचडीसी को बांध के ऊपरी हिस्से में बने दो अनगेटेड साफ्ट स्पिलवे के जरिए पानी छोड़ना पड़ रहा है। इस समय झील से प्रतिदिन 800 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।

टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी ने जानकारी दी कि झील की हर पल निगरानी की जा रही है और फिलहाल किसी भी तरह की आपात स्थिति नहीं है। उनका कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी के बावजूद अब तक किसी तरह की जनहानि या नुकसान की सूचना नहीं है।

टिहरी बांध की झील वर्ष 2005 में तैयार हुई थी, और इसके बाद वर्ष 2010 व 2013 में इसमें सबसे अधिक जलभराव देखा गया था। उस समय भी पानी छोड़ने के लिए स्पिलवे का इस्तेमाल किया गया था।

जलस्तर में वृद्धि से बिजली उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में टिहरी बांध, पीएसपी परियोजना, और कोटेश्वर बांध से कुल मिलाकर 1986 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। पीएसपी परियोजना के अगले दो से तीन महीनों में पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top