Flash Story
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदू नवसंवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदू नवसंवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
नववर्ष के आगमन और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा का आयोजन
नववर्ष के आगमन और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा का आयोजन
मंत्री रेखा आर्या ने किया 110 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
मंत्री रेखा आर्या ने किया 110 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में किया ‘मिशन वात्सल्य’ योजना से संबंधित प्रश्न
सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में किया ‘मिशन वात्सल्य’ योजना से संबंधित प्रश्न
रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत
रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत
मुख्यमंत्री धामी ने श्री श्री रविशंकर से की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री धामी ने श्री श्री रविशंकर से की शिष्टाचार भेंट
मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून–मसूरी मार्ग पर एक अतिरिक्त वैली ब्रिज निर्माण के अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून–मसूरी मार्ग पर एक अतिरिक्त वैली ब्रिज निर्माण के अधिकारियों को दिए निर्देश
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री धामी ने देखी ‘द केरल स्टोरी 2’
मुख्यमंत्री धामी ने देखी ‘द केरल स्टोरी 2’

सिलक्यारा सुरंग में मलबे को हटाने के लिए कार्ययोजना की तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सिलक्यारा सुरंग में मलबे को हटाने के लिए कार्ययोजना की तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

चिन्यालीसौड़। सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से आए मलबे को हटाने में 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मलबे को हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से मदद मांगी गई थी, जिसने 20 करोड़ की कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की है। मलबा हटाने का काम तीन-चार दिन में शुरू होगा। पिछले साल 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन से सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया था। हादसे के बाद ढाई महीने से अधिक समय तक सुरंग का निर्माण ठप रहा। 23 जनवरी को केंद्र ने एनएचआईडीसीएल को निर्माण शुरू करने की अनुमति दी, जिसके बाद बड़कोट से निर्माण शुरू हुआ।

सिलक्यारा छोर से भूस्खलन के मलबे से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। निर्माण शुरू करने के लिए सुरंग में रिसाव से जमा पानी की निकासी शुरू की गई, जिसके बाद अगली चुनौती भूस्खलन का मलबा हटाने की है। निर्माणदायी कंपनी नवयुगा ने तैयारी शुरू कर दी है। मलबा हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से तकनीकी मदद मांगी गई थी, जिसने मलबा हटाने के लिए करीब 20 करोड़ की डीपीआर तैयार की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top