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लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करे विपक्ष: डा. नरेश बंसल

लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करे विपक्ष: डा. नरेश बंसल

विदेशी ताकतों के इशारों पर देश को तोड़ना बंद करे राहुल गांधी:भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल

देहरादून- भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है।नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।

देश के आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आवास के समीप अशांति एवं अव्यवस्था का वातावरण बनाने का प्रयास लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। ऐसे कृत्य न केवल संवैधानिक मूल्यों के विपरीत हैं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं को भी आहत करते हैं।

भारतीय जनता पार्टी सदैव संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए जनसेवा के पथ पर प्रतिबद्ध रही है।दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश के छात्रों और युवाओं को कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए एक राजनीतिक औज़ार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में हमारी सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यह केवल विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा जनता, विशेषकर हमारे बच्चों और युवाओं को भ्रमित करने और गुमराह करने का एक असफल प्रयास है।संसद का सत्र चल रहा है, सरकार ने हर मुद्दे पर सार्थक बहस करने की भी बात कही है, मगर विपक्ष संसद में नहीं बल्कि सड़क पर मुद्दों का समाधान करने का अनुचित प्रयास कर रहा है।राहुल गांधी अपनी बात से पलट रहे है।

लोकतंत्र में मुद्दों पर चर्चा करने की जगह संसद भवन है, जहाँ विपक्ष अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है। इसलिए यदि विपक्ष गंभीर है तो मौजूदा मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने में व्यवधान न उत्पन्न करे और संसद में ही सभी मुद्दों पर चर्चा करे।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से देहरादून समेत विभिन्न स्थानो पर विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मर्यादाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन से स्पष्ट है कि देश को तोड़ने वाली हर आवाज का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

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