राष्ट्रपति को सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश! राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तीखा हमला
नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोके जाने के बाद मामला गरमा गया। इस बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रदर्शन को पूरी तरह विफल बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में राजधानी में अराजकता फैलाने, आगजनी कराने और सड़कों पर टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। पात्रा ने कहा कि लोकतंत्र के सामने भीड़तंत्र की एक नहीं चली और फिलहाल दिल्ली में हालात नियंत्रण में हैं।
राष्ट्रपति को राजनीतिक टकराव में घसीटने का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक समूहों की ओर से प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश में लगातार तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश क्यों हो रही है। पात्रा के मुताबिक, विपक्षी दलों और उनके नेताओं के बीच प्रदर्शन का श्रेय लेने की होड़ भी मची हुई है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक खींचतान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी हमला बोला। पात्रा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भवन से लौटने के बाद राहुल गांधी ने जिस तरह की टिप्पणी की, वह राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को सड़क पर होने वाली राजनीतिक लड़ाई में खींचने का प्रयास पहले कभी इस तरह नहीं देखा गया। भाजपा सांसद ने इसे विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करार दिया।
प्रदर्शन स्थल की सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
संबित पात्रा ने प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टर और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाले लोगों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इन सुविधाओं को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई थी, तब कथित वोट चोरी का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। पात्रा ने विपक्ष से पूछा कि यदि चुनाव में वास्तव में गड़बड़ी हुई थी, तो संबंधित तथ्यों और सबूतों को अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया।
भाजपा सांसद ने हालिया उपचुनावों के नतीजों का उल्लेख करते हुए भी विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि चार सीटों पर आए नतीजों के बाद भाजपा सभी सीटों पर जीती है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के रेजिनगर में मतदाताओं की संख्या को लेकर उठे विवाद पर अपनी बात रखी।
रेजिनगर में वोटों की संख्या को लेकर क्या बोले पात्रा?
पश्चिम बंगाल के रेजिनगर में मतदाताओं और प्राप्त वोटों की संख्या को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर संबित पात्रा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने वहां कुल 772 वोट होने का दावा किया था, जबकि भाजपा को 909 वोट मिलने की बात कही गई। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में कथित गड़बड़ी और ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी।
पात्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि रेजिनगर में कुल 1,109 मतदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने विपक्ष पर तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद के मुताबिक, इस तरह के बयानों के जरिए राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
एक साल से वोट चोरी के आरोप लगा रहा विपक्ष: पात्रा
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी नेता पिछले एक साल से लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इन दावों को साबित करने वाले ठोस प्रमाण सामने नहीं रखे गए हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की। पात्रा ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले लोग ही आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए भी विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री यह कह दें कि सांस लेना जरूरी है, तो विपक्ष इसका भी विरोध करने लगेगा। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अशांति का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की राजनीति देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।

