Flash Story
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
23 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था वारंटी, ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
23 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था वारंटी, ‘ऑपरेशन प्रहार’ में दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
देश में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, बुखार नहीं तो भी इन संकेतों पर रहें अलर्ट
मंदिर चोरी का 24 घंटे में खुलासा, अष्टधातु की मूर्तियों समेत सामान बरामद; तीन गिरफ्तार
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने सिनेमाघरों में मचाई धूम, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी
शिक्षक नई पीढ़ी के मार्गदर्शक, राष्ट्र एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है- सीएम धामी

उत्तराखण्ड में 2019 के मुकाबले 5 प्रतिशत कम रहा मतदान

उत्तराखण्ड में 2019 के मुकाबले 5 प्रतिशत कम रहा मतदान

कम मतदान ने राजनीतिक दलों के साथ सरकारी मशीनरी को भी चौंकाया

देहरादून। उत्तराखण्ड के मतदाताओं ने इस बार के चुनाव में उत्साह नहीं दिखाया। 2019 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले 2024 में मतदान का प्रतिशत 4 से 7 प्रतिशत कम रहने की उम्मीद है। राज्य में कुल 83 लाख मतदाता हैं। पांच लोकसभा सीटों पर 55 उम्मीदवार मैदान में थे।प्रदेश में 11729 पोलिंग बूथ बनाये गए थे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मतदान का प्रतिशत 58 प्रतिशत के इर्द गिर्द रहने की संभावना है।

हालांकि, देर रात तक कुल मतदान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। लेकिन शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक पांचों लोकसभा सीटों पर 53.56 प्रतिशत मतदान हुआ। गौरतलब है कि 2019 में शाम 5 बजे तक 58.01प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में 61 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। कम मतदान से यह साफ हो गया है कि इस बार मोदी लहर का काफी सीमित रही। हालांकि, शादी के मौसम को भी कम मतदान की एक वजह बताई जा रही है। लेकिन 75 प्रतिशत तक मतदान के दावे की उदासीन मतदाताओं ने हवा निकाल दी।

शाम 5 बजे तक हरिद्वार लोकसभा की भाजपा विधायकों वाली सीटों पर मतदान का प्रतिशत कांग्रेस व बसपा से जुड़ी सीटों की अपेक्षा कम रहा। इस आंकड़े से दोनों दलों में गुणा भाग तेज हो गया है। 2024 में कम मतदान के बाद राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गयी है।

राज्य का कुल औसत – 53.56

  1. नैनीताल- 59.36
  2. हरिद्वार – 59.01
  3. अल्मोड़ा – 44.43
  4. टिहरी – 51.01
  5. गढ़वाल – 48.79

साल 2019 का औसत – 58.01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top