Flash Story
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर
टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर
प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण
प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण
मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज
मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन

अपने पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, ग्रामीणों ने किया स्वागत

अपने पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, ग्रामीणों ने किया स्वागत

गांव वासियों के बीच सीएम धामी ने कहा—टुंडी–बारमौ मेरी जड़ें और मेरी पहचान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पैतृक क्षेत्र कनालीछीना के टुंडी–बारमौं गांव पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। लंबे समय बाद अपने गांव लौटे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद भावुक और यादगार रहा। उन्होंने बताया कि यही वह स्थान है जहां उनका बचपन बीता, जहां उन्होंने पहली बार विद्यालय का रुख किया और जहां की संस्कृति व परंपराओं ने उनके व्यक्तित्व की नींव रखी।

गांव पहुंचने पर बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद दिया, जबकि महिलाओं और बच्चों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बुजुर्ग अब भी उन्हें उनके बचपन के नाम से पुकारते हैं, जो उनके लिए अत्यंत स्नेह और अपनत्व का अनुभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं की मुस्कान देखकर पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं।

मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि टुंडी–बारमौं सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि उनकी जड़ें, उनके संस्कार और उनकी पहचान है। उन्होंने ग्रामीणों के प्रेम और भरोसे को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि गांववासियों का साथ और समर्थन उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top