Flash Story
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
ऋषिकेश में आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुँचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल
ऋषिकेश में आरवीएनएल परियोजना स्थल देखने पहुँचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल
भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने सदन मे स्वदेश दर्शन के अंतर्गत परियोजनाएं संबंधित प्रश्न किया
भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने सदन मे स्वदेश दर्शन के अंतर्गत परियोजनाएं संबंधित प्रश्न किया
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी

यूसीसी- निशुल्क विवाह पंजीकरण की अंतिम तिथि 26 जुलाई

यूसीसी- निशुल्क विवाह पंजीकरण की अंतिम तिथि 26 जुलाई

1.9 लाख से अधिक विवाहों का हुआ डिजिटल पंजीकरण

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) दिनांक 27 जनवरी 2025 से प्रभाव में आ चुकी है। इसके अंतर्गत, 26 मार्च 2010 से लेकर 26 जनवरी 2025 के बीच संपन्न सभी विवाहों को UCC के अंतर्गत पंजीकृत कराना अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में, इस अवधि के भीतर हुए विवाहों के पंजीकरण हेतु ₹250 का शुल्क निर्धारित है। हालांकि, राज्य सरकार ने नागरिकों की सुविधा एवं सहभागिता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है कि यदि 27 जनवरी 2025 से पूर्व हुई शादियों का पंजीकरण आगामी 26 जुलाई 2025 तक कराया जाता है, तो इसके लिए किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क देय नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त, वे नागरिक जिन्होंने अपने विवाह को पहले ही उत्तराखंड विवाहों का अनिवार्य पंजीकरण विधेयक, 2010 या किसी अन्य वैयक्तिक कानून (Personal Law) के अंतर्गत पंजीकृत करवा लिया है, उन्हें भी इस पंजीकरण की जानकारी अथवा acknowledgment समान नागरिक संहिता के पोर्टल पर देना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया केवल सूचना प्रदान करने के लिए है और इसके लिए भी कोई शुल्क देय नहीं होगा।

अब तक समान नागरिक संहिता के तहत 1,90,000 से अधिक विवाहों का सफलतापूर्वक ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है। विवाह पंजीकरण की समस्त प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे नागरिकों को बिना किसी कार्यालयीय जटिलता के ऑनलाइन माध्यम से ही पंजीकरण की सुविधा प्राप्त हो रही है। राज्य सरकार नागरिकों से अपील करती है कि वे समय सीमा का लाभ उठाते हुए, शुल्क-मुक्त पंजीकरण की सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और UCC के अंतर्गत अपने विवाहों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top