Flash Story
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश
नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘खोसला का घोसला 2’ की रिलीज डेट बदली, अब इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

सरकारी शटडाउन हुए 34 दिन बीते, अमेरिका की हवाई सेवाएं चरमराईं

सरकारी शटडाउन हुए 34 दिन बीते, अमेरिका की हवाई सेवाएं चरमराईं

बिना वेतन काम कर रहे कर्मी, हवाई अड्डों पर बढ़ा संकट

वॉशिंगटन। अमेरिका में सरकारी शटडाउन हुए 34 दिन बीत चुके हैं और इसका असर अब देश की हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। एयर ट्रैफिक नियंत्रक और सुरक्षा जांच करने वाले कर्मचारी बिना वेतन के काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी आर्थिक दबाव के कारण ड्यूटी पर नहीं आ रहे, जिससे तमाम बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, नियंत्रक अतिरिक्त काम और दूसरी तरह की नौकरी करने को मजबूर हैं ताकि रोजमर्रा का खर्च चला सकें। इसका असर हवाई अड्डों की व्यवस्था पर दिख रहा है—सुरक्षा जांच में लंबी लाइनें, यात्री परेशान और सुरक्षा का भरोसा भी कम हो रहा है।

“हवाई तंत्र हर दिन थोड़ा और असुरक्षित होता जा रहा”

नेशनल एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निक डेनियल्स ने कहा कि लगातार बिना वेतन के काम करने से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बहुत बढ़ गया है। उनके मुताबिक जब दिमाग में किराया, बिल और घर के खर्च की चिंता रहती है, तो सौ प्रतिशत ध्यान दे पाना संभव नहीं है और यह स्थिति हवाई सुरक्षा को प्रभावित कर रही है।

परिवहन मंत्री की सफाई — उड़ानों में देरी सुरक्षा को बचाने के लिए

अमेरिका के परिवहन मंत्री सीन डफी का कहना है कि उड़ानों में देरी करना मजबूरी है, क्योंकि स्टाफ की कमी से जोखिम बढ़ गया है। उनका कहना है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो पूरा वायुक्षेत्र अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ सकता है। लेकिन सुरक्षा से किसी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

कई बड़े हवाई अड्डों पर व्यवस्था चरमराई

शिकागो, डेनवर, ह्यूस्टन और नेवार्क जैसे बड़े विमानतल पर देरी लगातार बढ़ रही है। ह्यूस्टन के हवाई अड्डे ने यात्रियों को सूचना दी है कि सुरक्षा जांच में तीन घंटे तक लग सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई कर्मचारी अब मजबूरी में पहले अपने परिवार और जरूरतों को महत्व दे रहे हैं। कुछ नियंत्रकों ने तो कहा कि अगर वे ध्यान में कमी महसूस करते हैं, तो ड्यूटी पर न जाना ही बेहतर है ताकि हादसे का कोई जोखिम न बढ़े।

समस्या सुरक्षा से ज़्यादा भरोसे की हो गई है

यात्रा संगठनों का कहना है कि हवाई यात्रियों का भरोसा टूट रहा है, क्योंकि समय पर उड़ान और समय पर पहुंचने की उम्मीद खत्म होती जा रही है। यूनियन की ओर से फिर अपील की गई है कि सरकार को तुरंत खोला जाए। अब कर्मचारियों और यात्रियों के लिए इस स्थिति को और ज्यादा झेलना संभव नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top