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बिहार NDA में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार, BJP कोटे से चिराग, मांझी और कुशवाहा को साधने की कोशिश

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पटना/नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान एनडीए में चिराग पासवान की वापसी, मांझी और कुशवाहा को दिए गए आश्वासन अब बिहार विधानसभा चुनाव के सीट बंटवारे में भाजपा के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है, लेकिन अंतिम एलान से पहले ‘समझाने का दौर’ चल रहा है।

कोटा तय, सीटें अभी फाइनल नहीं

243 विधानसभा सीटों में से 100 सीटें जदयू को दिए जाने पर सहमति बन चुकी है। जदयू इसे और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा 100 सीटों पर उसे मनाने की रणनीति में जुटी है। बाकी 143 सीटों का कोटा भाजपा के पास रहेगा, जिसमें से उसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हम-से, और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को समायोजित करना है।

जदयू के कोटे से बाहर आ चुके मांझी अब भाजपा कोटे में हैं। ऐसे में भाजपा के लिए अंदरूनी तालमेल बड़ी चुनौती बन चुका है।

मांझी को ‘ताकत’ का भरोसा देकर मनाने की कोशिश

मांझी के बेटे संतोष सुमन ने जून 2023 में महागठबंधन सरकार से इस्तीफा दे दिया था। दिसंबर में जदयू के अंदर बदलाव हुआ और जनवरी 2024 में मांझी फिर से एनडीए में शामिल हुए। अब वे भाजपा के कोटे से सीट चाहते हैं। चूंकि मांझी ने खुद को एनडीए में मजबूती से स्थापित किया है, इसलिए भाजपा उन्हें विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है।

चिराग पासवान को भाजपा का ‘विशेष सहयोगी’ माना जा रहा है

रामविलास पासवान के निधन के बाद लोजपा दो भागों में बंटी। पारस को तत्काल लाभ मिला, लेकिन भाजपा ने चिराग को लोकसभा चुनाव में प्राथमिकता दी और वह केंद्रीय मंत्री भी बने। चिराग अब विधानसभा चुनाव में 40 सीटें चाहते हैं, परंतु भाजपा के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार, 20 से अधिक सीटें देना अभी तय नहीं है। भाजपा चाहती है कि वह जदयू को मजबूरी में सीटें दे, लेकिन अपने कोटे से किसी दल को बहुत ताकतवर न बनाए।

उपेंद्र कुशवाहा को BJP कोटे से सीटें, लेकिन सीमित

कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे उपेंद्र कुशवाहा अब भाजपा कोटे से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनकी पार्टी का जनाधार सीमित है, बावजूद इसके वह 10 सीटों की मांग कर रहे हैं। भाजपा उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है लेकिन बड़ा दांव खेलने को तैयार नहीं।

एनडीए में ‘एकजुटता’ दिखाने की तैयारी

एनडीए के अंदर सीटों के एलान से पहले भाजपा चाहती है कि सभी घटक दलों को अलग-अलग बातचीत के जरिए तैयार किया जाए। जदयू, भाजपा और बाकी सहयोगी दलों के बीच तालमेल के बाद ही सार्वजनिक घोषणा होगी।

NDA की वर्तमान स्थिति

  • BJP: 80 विधायक (2020 में 74, बाद में उपचुनाव और विलय से संख्या बढ़ी)

  • JDU: 45 विधायक (2020 में 43, बाद में कुछ विधायक शामिल हुए और कुछ गए)

  • हम-से (मांझी): 4 विधायक

  • लोजपा (रामविलास): 0 विधायक (लेकिन केंद्र में मजबूत उपस्थिति)

  • राष्ट्रीय लोक मोर्चा (कुशवाहा): 0 विधायक

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