Flash Story
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह
उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव
उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव
कोटद्वार में कांग्रेस का विरोध मार्च, पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में तहसील का घेराव
कोटद्वार में कांग्रेस का विरोध मार्च, पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में तहसील का घेराव
एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त
एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण
‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल
‘टॉक्सिक’ का नया गाना ‘मदहोश’ हुआ रिलीज, यश और तारा सुतारिया की केमिस्ट्री ने जीता दिल
कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज
कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज
देहरादून महायोजना-2041 : 12वें दिन चंद्रबनी में गूंजे विकास के सुझाव
देहरादून महायोजना-2041 : 12वें दिन चंद्रबनी में गूंजे विकास के सुझाव
देहरादून महायोजना-2041 : 12वें दिन चंद्रबनी में गूंजे विकास के सुझाव
देहरादून महायोजना-2041 : 12वें दिन चंद्रबनी में गूंजे विकास के सुझाव

2660 करोड़ गटक गये पेयजलकर्मी ,सीएजी की रिपोर्ट से एडवोकेट विकेश नेगी ने किया खुलासा

2660 करोड़ गटक गये पेयजलकर्मी ,सीएजी की रिपोर्ट से एडवोकेट विकेश नेगी ने किया खुलासा

 विधानसभा में भी पेश नहीं की रिपोर्ट, न ही हुई कोई चर्चा

देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम ने वर्ष 2016 से अब तक लगभग 2660.27 करोड़ का गोलमाल किया है। यह गड़बड़ी निर्माण और विकास कार्यों में अनियमितता के तौर पर की गयी है। आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी ने कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल यानी सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर किया है। एडवोकेट नेगी के मुताबिक कोराना काल 2021-22 में भी पेयजल निगम ने 829.90 करोड़ डकार लिए। एडवोेकेट विकेश नेगी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को शिकायत कर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अहम बात यह है कि सीएजी की इस रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर भी नहीं रखा गया। एडवोकेट नेगी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस प्रकरण की जांच उच्चस्तरीय समिति, एसआईटी, विजिलेंस या सीबीआई से कराई जाएं।

एडवोकेट विकेश नेगी ने आरटीआई से पेयजल निगम के आडिट की जानकारी मांगी। कैग रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पेयजल निगम में वर्ष 2016-17 के दौरान 92.41 करोड़, 2017-18 और 2018-19 में तो आडिट किया ही नहीं गया। इसके अलावा 2019-20 में 656.05 करोड़, 2020-21 में 829.90 करोड़, 2021-22 में 43.48 करोड़, 2022-23 में 96.99 करोड़, 2023-24 में 803 करोड़ और 2024-25 में मई माह तक 38.41 करोड़ की अनियमितताएं की गयी। इस आधार पर इन वर्षों के दौरान पेयजल निगम में कुल 2660 करोड़ 27 लाख रुपये की गड़बड़ी पायी गयी।

DocScanner 21 Nov 2025 15-20
एडवोकेट विकेश नेगी के कहना है कि पेयजल निगम के ठेकेदारों ने जीएसटी का भुगतान भी नहीं किया और कई ठेकेदारों ने काम पूरा होने से पहले ही बिना बैंक गारंटी के अग्रिम भुगतान भी हासिल कर लिया। विभाग ने ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही उनसे ब्याज वसूली की। निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी कर रॉयल्टी भी नहीं ली गयी। कई विकास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गयी जो कि शासनादेशों का उल्लंघन है। एडवोकेट विकेश नेगी के मुताबिक सीएजी की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अनियमितताओं में ठेकेदारों और पेयजल अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top