Flash Story
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
पौड़ी में विकसित किया जा रहा इको एडवेंचर पार्क, साहसिक पर्यटन और रोमांच का बनेगा नया केंद्र
पौड़ी में विकसित किया जा रहा इको एडवेंचर पार्क, साहसिक पर्यटन और रोमांच का बनेगा नया केंद्र
एशियाई पैरा गेम्स में आयुष वर्मा का कमाल, शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल
एशियाई पैरा गेम्स में आयुष वर्मा का कमाल, शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच
23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच
विशेष दिव्यांग शिविर में 42 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, 07 नए बैंक खाते खोले गए
विशेष दिव्यांग शिविर में 42 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, 07 नए बैंक खाते खोले गए
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोर्खाली समाज के वरिष्ठजनों से लिया आशीर्वाद, दशैं एवं विजयादशमी की दी शुभकामनाएं
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोर्खाली समाज के वरिष्ठजनों से लिया आशीर्वाद, दशैं एवं विजयादशमी की दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
राम गोपाल वर्मा की ‘पुलिस कंपनी’ में दिखेगी मुंबई अंडरवर्ल्ड के खिलाफ जंग, इस दिन सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
राम गोपाल वर्मा की ‘पुलिस कंपनी’ में दिखेगी मुंबई अंडरवर्ल्ड के खिलाफ जंग, इस दिन सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

आतंकवाद को निर्णायक रूप से परास्त किया जाए

आतंकवाद को निर्णायक रूप से परास्त किया जाए

देश की अपेक्षा यह है कि आतंकवाद को निर्णायक रूप से परास्त किया जाए। ऐसा नहीं हो पा रहा है, तो सरकार और सुरक्षा तंत्र को अपनी अब तक की रणनीति पर सिरे से पुनर्विचार करना चाहिए। छह जुलाई को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों के हमले में सेना को दो जवान मारे गए। उसके बाद जवाबी कार्रवाई में सेना ने छह दहशतगर्दों को ढेर कर दिया। मगर सिर्फ दो दिन बाद- आठ जुलाई की रात कठुआ में सेना के कारवां पर आतंकवादियों ने और भी ज्यादा घातक हमला किया। इसमें पांच सैनिकों की जान गई। बीते एक महीने में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित अनेक घटनाएं हुई हैँ। यह याद करना उचित होगा कि पिछले नौ जून को जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण कर रहे थे, ठीक उसी समय जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवादी हमला हुआ था। उसके बाद से ऐसी घटनाओं का एक सिलसिला बना हुआ है।

यह इस बात का साफ संकेत है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का एक नया दौर आया हुआ है। इससे कई गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। क्या राज्य प्रशासन एवं वहां के सुरक्षा तंत्र को इस बात का कोई सुराग नहीं था कि खास कर जम्मू इलाका आतंकवाद का नया अड्डा बन रहा है? आतंकवादियों के पास से जिस तरह के आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि उन्हें सीमा पार से मदद मिल रही होगी। तो फिर सवाल यह उठता है कि सीमा पर चौकसी एवं घुसपैठ रोकने के उपायों का क्या हुआ? केंद्र सरकार को यह अवश्य समझना चाहिए कि ऐसी घटनाओं के लगातार होने से देशवासियों के मनोबल पर चोट लगती है। अब सोच का यह कवच भी नहीं है कि अनुच्छेद 370 के कारण आतंकवाद रोकने में कामयाबी नहीं मिल रही है। ऐसी दलीलें ज्यादा काम की नहीं हैं कि जितने सुरक्षा कर्मी मारे गए हैं, उनसे ज्यादा आतंकवादियों को ढेर किया गया है। देश की अपेक्षा यह है कि आतंकवाद को निर्णायक रूप से परास्त किया जाए।

ऐसा नहीं हो पा रहा है, तो सरकार और सुरक्षा तंत्र को अपनी अब तक की रणनीति पर सिरे से पुनर्विचार करना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोगों का दिल जीतना और सीमा पार के दखल को नियंत्रित करना दो ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका मुकाबला किए बगैर संभवत: समस्या काबू में नहीं आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top