Flash Story
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव
धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव
क्या RO का पानी घटा रहा है शरीर का B12? नए अध्ययन ने बढ़ाई चिंता
क्या RO का पानी घटा रहा है शरीर का B12? नए अध्ययन ने बढ़ाई चिंता
मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करने वालों से रहें सावधान: संजय निषाद
मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करने वालों से रहें सावधान: संजय निषाद
गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर
गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने असम के हाथीकुली चाय बागान का किया अवलोकन

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने असम के हाथीकुली चाय बागान का किया अवलोकन

मंत्री गणेश जोशी ने चाय बागानों में कार्यरत महिला श्रमिकों के साथ किया संवाद 

देहरादून/असम। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने असम भ्रमण के दौरान असम के हाथीकुली चाय बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चाय बागानों में कार्यरत महिला श्रमिकों के साथ संवाद किया तथा स्वयं ताजी चाय की पत्तियां तोड़कर उन्हें पारंपरिक टोकरी में एकत्रित किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने असमिया चाय को राज्य की आत्मा बताते हुए चाय बागान से जुड़े परिवारों के कठिन परिश्रम और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि असम की चाय उद्योग से जुड़ी परंपराएं, उत्पादन प्रणाली और श्रमिकों का समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हाथीकुली स्थित चाय फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने चाय की उत्पादन क्षमता, प्रसंस्करण एवं विपणन प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने फैक्ट्री में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में भी चाय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए असम के अनुभवों एवं पद्धतियों का अध्ययन कर उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 1592 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय बागानों का विकास एवं रखरखाव किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत लगभग 7.00 लाख किलोग्राम हरी चाय पत्तियों का उत्पादन कर 1.44 लाख किलोग्राम प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन एवं बिक्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में चाय उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ टी-टूरिज्म को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए चाय बागान घोड़ाखाल, चम्पावत एवं कौसानी में टी-टूरिज्म योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि चाय बोर्ड के अन्तर्गत राज्य में वर्तमान में 05 चाय फैक्ट्रियां संचालित की जा रही हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने एवं उत्तराखण्ड की चाय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर सल्ट विधायक महेश जीना, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, कृषि सचिव डा0 एसएन पांडेय, चाय निदेशक महेन्द्र पाल, मैनेजर मित्राभानु दास सहित अन्य चाय उत्पादक लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top