Flash Story
पौड़ी को जाम से मिलेगी राहत, 300 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग की तैयारी तेज
पौड़ी को जाम से मिलेगी राहत, 300 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग की तैयारी तेज
लोहाघाट में 257 करोड़ की लागत से बन रहा बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज, डीएम ने किया निरीक्षण
लोहाघाट में 257 करोड़ की लागत से बन रहा बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज, डीएम ने किया निरीक्षण
निर्माणाधीन भवन में मिला पंजाब निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति का शव, पांचवीं मंजिल से गिरने की आशंका
निर्माणाधीन भवन में मिला पंजाब निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति का शव, पांचवीं मंजिल से गिरने की आशंका
शेरपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग शिविर आयोजित, 208 लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
शेरपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग शिविर आयोजित, 208 लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
विधानसभा सत्र के लिए गैरसैंण आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत
विधानसभा सत्र के लिए गैरसैंण आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत
मिठाई की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य, देहरादून में 27 दुकानों की जांच
मिठाई की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य, देहरादून में 27 दुकानों की जांच
पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सैनिक परिवारों का सम्मान हमारा नैतिक दायित्व: कैबिनेट मंत्री
पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सैनिक परिवारों का सम्मान हमारा नैतिक दायित्व: कैबिनेट मंत्री
मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें खड़गे- गणेश जोशी
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें खड़गे- गणेश जोशी

यमकेश्वर के अरविन्द पयाल ने गांव में ही तलाशा रोजगार का रास्ता, मुर्गी पालन से बने आत्मनिर्भर

यमकेश्वर के अरविन्द पयाल ने गांव में ही तलाशा रोजगार का रास्ता, मुर्गी पालन से बने आत्मनिर्भर

यमकेश्वर(पौड़ी गढ़वाल )। पहाड़ों से पलायन के दौर में यमकेश्वर ब्लॉक के दोषण गांव निवासी अरविन्द पयाल ने गांव में रहकर स्वरोजगार की ऐसी राह चुनी है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। अरविन्द ने मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का जरिया बनाया और मेहनत के दम पर इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

अरविन्द बताते है की वह खुद एक निजी कंपनी में काम करते है लेकिन उन्हें लगा की वह गांव में कुछ स्वरोजगार कर सकते है ऐसे में उन्होंने मुर्गी पालन का विकल्प चुना।

साथ ही उनका कहना है की यदि सरकार और प्रोत्साहन दे उद्यान विभाग के द्वारा तो गांव में जो भी लोग खुद का स्वरोजगार करना चाहते है तो वह और अधिक आत्मनिर्भर बन सकते है।उन्होंने बताया की आज उनके पोल्ट्री फार्म से ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार में उनके द्वारा उत्पादित मुर्गीयों के अंडो की भारी डिमांड है जो की कम पड़ जाती है।

रोजगार के लिए शहरों की ओर जाने के बजाय अरविन्द ने अपने गांव में ही अवसर तलाशे। मुर्गी पालन शुरू कर उन्होंने न सिर्फ खुद को रोजगार से जोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि पहाड़ों में रहकर भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है।

(वीडियो में देखें अरविन्द पयाल की स्वरोजगार कहानी, कैसे मुर्गी पालन से उन्होंने बनाई अपनी अलग पहचान, वह चाहते है की सरकार उनके जैसे लोगो को और अधिक प्रोत्साहित करें ..)

अरविन्द बताते हैं कि शुरुआत छोटे स्तर से की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे अनुभव और मेहनत के साथ काम को बढ़ाया गया। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार को अपनाएं और अपने क्षेत्र में रहकर आगे बढ़ें।

आज अरविन्द पयाल की यह पहल उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर होते हैं। उनकी कहानी संदेश देती है कि अगर सोच सकारात्मक हो और मेहनत करने का जज्बा हो तो गांव में रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है।

यमकेश्वर के अरविन्द पयाल ने साबित किया है कि आत्मनिर्भरता की शुरुआत अपने घर-गांव से भी की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top