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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात

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जल विद्युत और रोपवे योजना के लिए केंद्र से मांगा सहयोग

नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड की प्रमुख जल विद्युत एवं पर्यटन परियोजनाओं के लिए आवश्यक स्वीकृतियों और सहायता का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने यमुना की सहायक नदी टौंस पर प्रस्तावित त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना (72 मेगावाट) के लिए 47.547 हेक्टेयर वन भूमि और राजस्व भूमि के हस्तांतरण को शीघ्र मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गंगा बेसिन में परियोजनाओं की स्वीकृति न मिलने के कारण यमुना और कुमाऊं क्षेत्र की गौरीगंगा, धौलीगंगा नदियों पर परियोजनाओं का विकास जरूरी हो गया है।

धामी ने गौरीगंगा नदी पर प्रस्तावित सिरकारी भ्योल रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना (120 मेगावाट) के लिए 29.997 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण और पर्यावरणीय स्वीकृति की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार, क्षेत्रीय विकास और पलायन पर नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने त्रिवेणी घाट-नीलकंठ महादेव रोपवे परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। साथ ही चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के पुनरुद्धार हेतु केंद्र सरकार से सहयोग मांगा।

मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं की गंभीरता का उल्लेख करते हुए कैम्पा योजना के अंतर्गत वनाग्नि प्रबंधन की पंचवर्षीय योजना के लिए ₹404 करोड़ की विशेष सहायता की मांग की।

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु,  मीनाक्षी सुंदरम और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा भी उपस्थित थे।

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