Flash Story
दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट
दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट
देहरादून में दलहन उत्पादन को बढ़ाने को क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर जोर
देहरादून में दलहन उत्पादन को बढ़ाने को क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर जोर
मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट
मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट
तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर
तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर
ताकुला चुंगी के पास 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,चार लोग घायल
ताकुला चुंगी के पास 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,चार लोग घायल
सोने-चांदी के दाम में फिर उछाल, सोना 1.55 लाख के पार, चांदी भी 2.40 लाख के करीब
सोने-चांदी के दाम में फिर उछाल, सोना 1.55 लाख के पार, चांदी भी 2.40 लाख के करीब
हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरी प्रतिष्ठानों से पनीर और घी के नमूने लिए
हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरी प्रतिष्ठानों से पनीर और घी के नमूने लिए
शिक्षा सुविधाओं के विकास को लेकर संसद में अजय भट्ट ने उठाया सवाल
शिक्षा सुविधाओं के विकास को लेकर संसद में अजय भट्ट ने उठाया सवाल
केला खाने का सही समय क्या है? जानिए सुबह, दोपहर या रात में कब खाना ज्यादा बेहतर
केला खाने का सही समय क्या है? जानिए सुबह, दोपहर या रात में कब खाना ज्यादा बेहतर

मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ की बैठक

मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ की बैठक

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अंतर्गत बनाए गए ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति एवं संचालित गतिदिवधियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रोथ सेंटर्स को स्थानीय स्तर पर आर्थिकी गतिविधियों के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। कहा कि ग्रोथ सेंटर्स को मार्केट लिंकेज के साथ ही प्राईवेट पार्टनर्स से जोड़े जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित हो रहे ग्रोथ सेंटर्स को लगातार रिव्यू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अच्छा कर रहे ग्रोथ सेंटर्स को तकनीकी एवं अन्य प्रकार का सपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के साथ ही नॉन-फंक्शनल ग्रोथ सेंटर्स को भी फंक्शनल किए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने अपने सभी उत्पादों को ट्रेसेबिलिटी, जीआई टैगिंग और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़े जाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने शीप एंड वूल डेवेलपमेंट बोर्ड के अंतर्गत पशुपालकों की समस्याओं को समझने एवं उनके निस्तारण के लिए लगातार पशुपालकों के साथ संवाद एवं वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात कही। कहा कि यह बोर्ड की जिम्मेदारी है। यदि किसी अन्य राज्य में इस दिशा में अच्छा कार्य हो रहा है तो वहां अपनी टीम को भेजकर उनके मैकेनिज्म को समझने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स को मार्केट लिंकेज के साथ ही कोल्ड स्टोरेज चेन से जोड़े जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्टैण्ड अलोन माईक्रो स्टोरेज चेन विकसित की जा सकती है। इससे ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों को लम्बे समय तक संरक्षित रख कर आवश्यकता के अनुरूप मार्केट में उतारा जा सकेगा, ताकि उत्पाद की उचित कीमत मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज के साथ सभी ग्रोथ सेंटर्स से सम्बन्धित विभागों कॉर्डिनेशन मीटिंग करवा ली जाए। कहा कि पोटेंशियल वाले नॉन-फंक्शनल ग्रोथ सेंटर्स की हैंड होल्डिंग करायी जाए। उन्होंने नाबार्ड को भी गैप्स आइडेंटिफाई करते हुए ग्रोथ सेंटर्स को फंडिंग उपलब्ध कराए जाने की बात कही। साथ ही फॉरेस्ट (JICA) के ग्रोथ सेंटर्स के लिए बिजनेस प्लान तैयार कर उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, एपीसीसीएफ नरेश कुमार, अपर सचिव कहकशां नसीम, आनन्द श्रीवास्तव एवं सुश्री झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top