Flash Story
चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, श्रद्धालु अफवाहों पर न दें ध्यान- हेमंत द्विवेदी
चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, श्रद्धालु अफवाहों पर न दें ध्यान- हेमंत द्विवेदी
शिक्षा विभाग में नये निदेशक के लिये जोर आजमाइश शुरू
शिक्षा विभाग में नये निदेशक के लिये जोर आजमाइश शुरू
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना का असर, उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में मिली नर्स की नौकरी
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना का असर, उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में मिली नर्स की नौकरी
तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या
तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या
रिखणीखाल पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण
रिखणीखाल पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण
हल्द्वानी में जूते के शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ राख
हल्द्वानी में जूते के शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ राख
श्रद्धा कपूर की नई फिल्म ‘ईठा’ का टीजर रिलीज
श्रद्धा कपूर की नई फिल्म ‘ईठा’ का टीजर रिलीज
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील

‘महिला आगे बढ़ेगी, तो समाज आगे बढ़ेगा’ – मोहन भागवत

‘महिला आगे बढ़ेगी, तो समाज आगे बढ़ेगा’ – मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख ने ‘उद्योगवर्धिनी’ के मंच से दिए महिला सशक्तिकरण के संदेश

महाराष्ट्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने महिला सशक्तिकरण को देश की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि महिलाओं को सामाजिक बेड़ियों और रूढ़ियों से मुक्त करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वे महाराष्ट्र के सोलापुर में ‘उद्योगवर्धिनी’ संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ होती हैं। वे सिर्फ घर और परिवार का ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के संस्कार और सोच का भी निर्माण करती हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक सुधार नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की कुंजी है।

भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को ऊपर उठाने की बात करना पुरुषों का अहंकार है। उन्होंने कहा, “महिलाओं को सिर्फ स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए, ना कि उन्हें निर्देशित करने की कोशिश करनी चाहिए। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो समाज अपने आप आगे बढ़ता है।”

इस मौके पर उन्होंने ‘उद्योगवर्धिनी’ संस्था द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास देश में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top