Flash Story
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान
आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एडवांस बुकिंग 150 करोड़ के पार
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एडवांस बुकिंग 150 करोड़ के पार

पढ़ते समय सुन रहे हैं गाने तो जानें ये कितना सही, कितना गलत? कैसा म्यूजिक है फायदेमंद

पढ़ते समय सुन रहे हैं गाने तो जानें ये कितना सही, कितना गलत? कैसा म्यूजिक है फायदेमंद

म्यूजिक मूड को रिफ्रेश कर बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन ध्यान रखने की बात है कि म्यूजिक को हमेशा स्टडी टूल की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पढ़ाई हमेशा शांत जगह ही करनी चाहिए। पढ़ाई हमेशा शांत माहौल में करना चाहिए, इससे ध्यान नहीं भटकता है और पढ़ी हुई चीज जल्दी याद होती है। अक्सर घर में बड़ों और स्कूल के टीचर्स को ऐसा कहते सुना होगा। यह बात काफी हद तक ठीक भी मानी जाती है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो पढ़ते समय गाने सुना करते हैं।

जिससे लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ऐसा करना सही है, क्या इससे पढ़ाई में मन लगता है या याद की हुई चीजें दिमाग में बैठती हैं। आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब… पढ़ाते करते समय गाने सुनना गलत आदत है। इससे याददाश्त पर दबाव पड़ सकता है। यह इसी तरह है जब दो चैनल एक ही फ्रीक्वेंसी पर चल रहे हों. दरअसल, पढ़ाई और म्यूजिक एक साथ टकराव पैदा करती हैं. इससे पढ़ाई से मन भटक जाता है और टॉपिक भी याद नहीं रहता है. स्टडीज के मुताबिक, म्यूजिक सुनने से फोकस पर पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के असर पड़ सकते हैं। म्यूजिक मूड को रिफ्रेश करता है लेकिन तेज म्यूजिक से ध्यान भकटता है और परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है।

इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक से ज्यादा नुकसान नहीं होता है. पढ़ाई करते हुए अगर इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक छात्र सुनते हैं तो इससे तनाव कम और एकाग्रता बढ़ सकती है. यह ध्यान भटकाए बिना अलर्टनेस बढ़ाती है. अनफैमिलियर म्यूजिक सुनने से मैथ्य और लैंग्वैज जैसे विषयों को पढने में परेशानी आ सकती है, जबकि फैमिलियर म्यूजिक चिंता कम कर परफॉर्मेंस में सुधार ला सकता है। म्यूजिक सुनने से मूड में सुधार होता है और अकेले रहने की भावनाएं कम होती हैं. एकाग्रता चाहने वालों को म्यूजिक नहीं सुनना चाहिए। गाने सुनने से बचें, स्लो और इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक सुन सकते हैं।  ऐसा म्यूजिक ही सुनने की कोशिश करें जो फीलिंग को स्ट्रॉग न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top