Flash Story
उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद में आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान का किया दौरा
उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद में आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान का किया दौरा
मुख्यमंत्री धामी ने 26 मदरसों को प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने 26 मदरसों को प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र
दून पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा, चरस और अवैध शराब के साथ तीन गिरफ्तार
दून पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा, चरस और अवैध शराब के साथ तीन गिरफ्तार
कानपुर में BSF कांस्टेबल परीक्षा के दौरान बवाल, तकनीकी खामी से भड़के अभ्यर्थी, परीक्षा रद्द
कानपुर में BSF कांस्टेबल परीक्षा के दौरान बवाल, तकनीकी खामी से भड़के अभ्यर्थी, परीक्षा रद्द
सिगरेट का धुआं सिर्फ फेफड़ों नहीं, किडनी को भी पहुंचा सकता है नुकसान, बढ़ सकता है गंभीर बीमारी का खतरा
सिगरेट का धुआं सिर्फ फेफड़ों नहीं, किडनी को भी पहुंचा सकता है नुकसान, बढ़ सकता है गंभीर बीमारी का खतरा
मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा- मुख्यमंत्री
मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा- मुख्यमंत्री
अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी राखी
अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी राखी
सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त बने दीपेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव ने दिलाई पद की शपथ
सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त बने दीपेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव ने दिलाई पद की शपथ
शादी की खुशियां बदलीं मातम में, अमेरिकी हवाई हमले में 5 की मौत
शादी की खुशियां बदलीं मातम में, अमेरिकी हवाई हमले में 5 की मौत

रूस से तेल ही नहीं, कोयला और उर्वरक का भी आयात कर रहा भारत – विदेश मंत्री एस.जयशंकर

रूस से तेल ही नहीं, कोयला और उर्वरक का भी आयात कर रहा भारत – विदेश मंत्री एस.जयशंकर
पश्चिम एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र – विदेश मंत्री

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने भारत और रूस संबंधों पर चर्चा की और रूस के बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर पहुंच की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, रूस से न केवल तेल बल्कि उर्वरक, कोयला और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का आयात भी बढ़ा रहा है। जयशंकर ने यह बयान दिल्ली में आयोजित ‘भारत एट 100’ कार्यक्रम में दिया, जो एसोचेम की ओर से आयोजित किया गया था।

जयशंकर ने कहा, बीते दो वर्षों में भारत ने रूस से ज्यादा तेल आयात किया है। लेकिन एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह हुआ है कि हम अब रूस से कोयला और उर्वरक जैसे अन्य प्राकृतिक संसाधन भी बड़े पैमाने पर आयात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देश भारत के स्वाभाविक साझेदार हैं, क्योंकि ये देश दीर्घकालिक संसाधनों की आपूर्ति कर सकते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत रूस के साथ अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है और भारत फार्मा उद्योग, समुद्री उत्पादों और कृषि उत्पादों के लिए रूस के बाजार में बेहतर पहुंच हासिल करने के लिए दबाव बना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भारत और रूस के आर्थिक संबंधों पर काम कर रहे हैं, जो पिछले महीने दिल्ली आए थे। भारत ने रूस से कहा है कि भारतीय निर्यात के लिए रूस के बाजार को और अधिक खोला जाना चाहिए।

जयशंकर ने भारत के वैश्विक साझेदारों के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी संबंधों को बढ़ावा देने के अवसरों पर भी बात की। उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौतों पर चल रही बातचीत का भी जिक्र किया और चीन को लेकर कहा कि सभी निर्णयों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने लाल सागर में शिपिंग मार्गों में आ रही रुकावट और भारत द्वारा इस समस्या को हल करने के लिए उठाए गए कदमों पर भी बात की।

उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चिंता का विषय है और भारत ने इस क्षेत्र में अपनी नौसेना के कई जहाज तैनात किए हैं। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पश्चिम एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि इस क्षेत्र की स्थिरता भारत की आर्थिक नीतियों के लिए जरूरी है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top