Flash Story
प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, युवाओं को रोजगार से जोड़ें अधिकारी: डीएम
प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, युवाओं को रोजगार से जोड़ें अधिकारी: डीएम
जज फार्म में गंदे पानी की शिकायत पर सांसद अजय भट्ट ने डीएम को लिखा पत्र
जज फार्म में गंदे पानी की शिकायत पर सांसद अजय भट्ट ने डीएम को लिखा पत्र
सीएम हेल्पलाइन की डीएम ने की समीक्षा, 92 लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
सीएम हेल्पलाइन की डीएम ने की समीक्षा, 92 लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
33 समस्याओं में 13 का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की भी समीक्षा
33 समस्याओं में 13 का मौके पर निस्तारण, सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों की भी समीक्षा
आदि कैलाश क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक होगी अल्ट्रा मैराथन
आदि कैलाश क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक होगी अल्ट्रा मैराथन
जनसुनवाई में डीएम अपूर्वा पाण्डे ने सुनीं 07 शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनसुनवाई में डीएम अपूर्वा पाण्डे ने सुनीं 07 शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सुवाखोली में सेवा संकल्प अभियान के तहत कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कृषि मंत्री गणेश जोशी
सुवाखोली में सेवा संकल्प अभियान के तहत कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कृषि मंत्री गणेश जोशी
जनता दरबार में पहुंचे 22 जनप्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता दरबार में पहुंचे 22 जनप्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने 332 नव नियुक्त कार्मिकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा- सीडीएस जनरल अनिल चौहान

भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा- सीडीएस जनरल अनिल चौहान

सैन्य नर्सिंग सेवा शताब्दी समारोह में सीडीएस जनरल ने दिया सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर

नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि आने वाले समय में भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। मानेकशॉ सेंटर में सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा और चिकित्सा सुरक्षा भी इसका अहम हिस्सा बन गए हैं।

जनरल चौहान ने कहा कि चिकित्सा डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि भारतीय डीएनए और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली अलग-अलग परिस्थितियों में अलग ढंग से प्रतिक्रिया करती है। ऐसे में व्यक्तिगत मेडिकल रिकॉर्ड, केस हिस्ट्री, स्वास्थ्य पैटर्न और परिचालन योजनाओं को लीक से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह सीधी जिम्मेदारी सैन्य नर्सिंग सेवा की न हो, लेकिन उन्हें इन खतरों के प्रति जागरूक रहना होगा।

उन्होंने कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में जैविक खतरों के बढ़ने की आशंका है। चाहे ये खतरे प्राकृतिक हों, आकस्मिक हों या मानव निर्मित, इनके लिए अलग उपचार और सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद, हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग से नहीं डरेगा। हमारे विचार से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना बहुत कम है, फिर भी समझदारी इसमें है कि हम इससे बचाव की तैयारी करें। रेडियोलॉजिकल खतरे से बचाव के लिए अलग प्रोटोकॉल की जरूरत होती है और यह हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। परमाणु खतरों के खिलाफ तैयारी इससे बचाव में योगदान करती है। मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top