Flash Story
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Full Body Checkup: क्या स्वस्थ व्यक्ति को भी हर साल कराना चाहिए हेल्थ चेकअप? जानिए किन टेस्ट्स की है जरूरत
Mango Pickle Recipe: घर पर बनाएं स्वादिष्ट आम का अचार, इन आसान टिप्स से महीनों तक नहीं होगा खराब
Mango Pickle Recipe: घर पर बनाएं स्वादिष्ट आम का अचार, इन आसान टिप्स से महीनों तक नहीं होगा खराब
07 जुलाई तक जमा करें गणना प्रपत्र, वरना मतदाता सूची से नाम छूटने का खतरा: डीएम
07 जुलाई तक जमा करें गणना प्रपत्र, वरना मतदाता सूची से नाम छूटने का खतरा: डीएम
रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना सीबीआई की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई तेज
रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना सीबीआई की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई तेज
भारत-यूके व्यापार समझौता: तीसरे देशों से सस्ते आयात पर लगेगी रोक, सरकार ने जारी किए नए नियम
भारत-यूके व्यापार समझौता: तीसरे देशों से सस्ते आयात पर लगेगी रोक, सरकार ने जारी किए नए नियम
देहरादून में सुरक्षा जवानों की भर्ती हेतु विकासखंड स्तर पर होंगे रोजगार शिविर आयोजित
देहरादून में सुरक्षा जवानों की भर्ती हेतु विकासखंड स्तर पर होंगे रोजगार शिविर आयोजित

वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत- निर्मला सीतारमण

वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत- निर्मला सीतारमण

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और विकास क्षमता पर दिया जोर

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरताओं और बदलावों के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत इन चुनौतियों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने यह बात कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में अपने संबोधन के दौरान कही।

सीतारमण ने सम्मेलन में कहा कि वर्तमान समय में दुनियाभर के देशों के सामने अनिश्चितता का माहौल है, जिसमें व्यापार, वित्त और ऊर्जा क्षेत्रों में असंतुलन जैसी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस अस्थिर स्थिति में भी लचीली बनी हुई है और बाहरी झटकों को झेलने की क्षमता रखती है।

उन्होंने वैश्विक परिदृश्य पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “भू-राजनीतिक संघर्ष तेज हो रहे हैं। प्रतिबंध, टैरिफ और अलगाव की रणनीतियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को नया आकार दे रही हैं। ये बदलाव भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हमारी आर्थिक क्षमता और जुझारूपन इन्हें पार करने में सहायक हैं।”

फाइनेंस मिनिस्टर ने यह भी बताया कि युद्ध और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता दुनिया में सहयोग और संघर्ष के स्वरूप को बदल रही हैं। पुराने गठबंधन अब परीक्षा में हैं, जबकि नए गठबंधन उभर रहे हैं। उनका कहना था कि ये अस्थायी समस्याएं नहीं हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव हैं।

निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर देते हुए कहा, “भारत का विकास उसके घरेलू कारकों पर आधारित है। लंबे समय से सकल घरेलू उत्पाद में उपभोग और निवेश की स्थिर हिस्सेदारी इस वृद्धि का आधार रही है। भारत का आर्थिक उदय आकस्मिक नहीं, बल्कि अनेक मजबूत कारकों का परिणाम है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top