Flash Story
धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
लामबगड़ में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप और किआ कार की भिड़ंत में 7-8 लोग घायल
लामबगड़ में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप और किआ कार की भिड़ंत में 7-8 लोग घायल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि

भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, जीनोम संपादित धान की दो नई किस्में की विकसित

भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, जीनोम संपादित धान की दो नई किस्में की विकसित

‘कमला’ और ‘पूसा डीएसटी राइस-1’ से होगा जलवायु परिवर्तन का सामना और बढ़ेगा उत्पादन

नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने जीनोम एडिटिंग तकनीक के माध्यम से धान की दो अत्याधुनिक किस्में विकसित की हैं, जो कम लागत, कम पानी और कम समय में अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। इन किस्मों के जरिए भारत ने दुनिया में पहली बार जीनोम संपादित चावल की किस्में व्यावसायिक रूप से तैयार करने का कीर्तिमान रच दिया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘कमला (डीआरआर-100)’ और ‘पूसा डीएसटी राइस-1’ नामक इन किस्मों को राष्ट्र को समर्पित किया।

चौहान ने इसे भारतीय कृषि शोध की “ऐतिहासिक छलांग” बताते हुए कहा कि ये किस्में दूसरी हरित क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेंगी और जल्द ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इनसे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलेगी।

जलवायु-उपयुक्त और उच्च उत्पादकता वाली किस्में

कमला और पूसा डीएसटी राइस-1 किस्में जीनोम संपादन तकनीक से तैयार की गई हैं, जिसमें फसलों के डीएनए में सूक्ष्म परिवर्तन कर उन्हें अधिक उत्पादक और अनुकूल बनाया गया है। इन पर आईसीएआर ने 2018 से कार्य किया और इन्हें भारत के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, यूपी, बंगाल, आंध्र, तमिलनाडु आदि की परिस्थितियों के अनुसार विकसित किया गया है।

इन किस्मों से देश में लगभग 45 लाख टन अतिरिक्त धान उत्पादन का अनुमान है, साथ ही ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में 20% की कमी और सिंचाई की संख्या में भी तीन बार तक की कटौती संभव होगी।

कमला और पूसा डीएसटी राइस-1 की विशेषताएं

कमला (DRR-100) को हैदराबाद स्थित भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान ने प्रसिद्ध सांबा महसूरी से विकसित किया है। यह किस्म 20 दिन पहले तैयार हो जाती है, कम पानी की जरूरत होती है और उपज 20–30% अधिक हो सकती है।

पूसा डीएसटी राइस-1 को पूसा (नई दिल्ली) द्वारा एमटीयू 1010 किस्म से विकसित किया गया है। यह खासकर दक्षिण भारत के रबी मौसम के लिए उपयुक्त है और 20% अधिक उपज देती है।

इन सफलताओं के पीछे वैज्ञानिकों की एक टीम का योगदान रहा है, जिनमें डॉ. सत्येंद्र मंग्राउथिया, डॉ. आर.एम. सुंदरम, डॉ. विश्वनाथन सी, डॉ. अर्चना वत्स और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top