Flash Story
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
देवप्रयाग में बड़ा सड़क हादसा, 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत
देवप्रयाग में बड़ा सड़क हादसा, 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत
लिंगानुपात में संतुलन के लिए जरूरी है सामाजिक जागरूकता और बेटियों का सम्मान- डीएम
लिंगानुपात में संतुलन के लिए जरूरी है सामाजिक जागरूकता और बेटियों का सम्मान- डीएम
त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी दून सख्त, लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी दून सख्त, लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक

शोध लेखन एवं एआई के प्रयोग पर कार्यशाला का आयोजन

शोध लेखन एवं एआई के प्रयोग पर कार्यशाला का आयोजन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में लाइब्रेरी इन्फार्मेशन रिसोर्स सेंटर एवं एलसेवियर संस्थान के संयुक्त प्रयास से फैकल्टी सदस्यों एवं शोधार्थियों के लिए “साइंस डाइरेक्ट ऑनबोर्डिंग एंड ऑथर” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एलसेवियर में प्रकाशन संबंधी विभिन्न जानकारियां दी गई।

एलसेवियर की ओर से कस्टमर सक्सेस मैनेजर साउथ एसिया डॉ. नितिन घोसाल ने उपस्थित शोधकर्ताओं एवं फैकल्टी सदस्यों को बताया कि साइंस डायरेक्ट क्या है। इसमें नए फीचर क्या क्या हैं और यह किस तरह से शोधकर्ताओं के लिए फायदमंद है। उन्होंने कहा कि एलसेवियर की तरह अन्य प्रकाशन भी एआई का प्रयोग कर रहे हैं परंतु एलसेवियर के रेफरेंस ज्यादा भरोसेमंद होते हैं। शोधकर्ताओं के लिए साइंस डायरेक्ट एआई की मदद से संबंधित साहित्य भी खोजना अब आसान हो गया है। डॉ. नितिन ने कहा कि एआई की मदद लेना अच्छा है लेकिन इस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।

इस पर नियंत्रण भी जरूरी है। कार्यक्रम का उद्घाटन एसबीएएस ऑडीटोरियम पटेलनगर में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अंत में शोध से संबंधित एक क्विज का भी आयोजन किया गया जिसमें डा. भवना का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। इस मौके आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. सोनिया गंभीर, लाईब्रेरियन डॉ. अमिता सकलानी, प्रो. विपुल जैन, प्रो. अरूण कुमार, प्रो. ओम नारायण तिवारी सहित कई फैकल्टी सदस्य एवं शोधार्थी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top