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गलत खान-पान बढ़ा रहा कैंसर का खतरा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी लाइफस्टाइल सुधारने की सलाह

गलत खान-पान बढ़ा रहा कैंसर का खतरा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी लाइफस्टाइल सुधारने की सलाह

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की जीवनशैली और खाने-पीने की आदतों में तेजी से बदलाव आया है। यही बदलाव अब गंभीर बीमारियों की जड़ बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर के साथ-साथ कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के पीछे भी असंतुलित लाइफस्टाइल और गलत खान-पान अहम कारण हैं। चिंता की बात यह है कि हाल के वर्षों में बच्चों में भी कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जो भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, ऐसे में खराब आहार और रसायन युक्त भोजन का असर उन पर ज्यादा तेजी से पड़ता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कैंसर के खतरे किन वजहों से बढ़ रहे हैं और आहार में कौन-से बदलाव इसे रोकने में मददगार हो सकते हैं।

कैंसर से बचाव के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल फास्ट फूड, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। इन खाद्य पदार्थों में मौजूद प्रिजर्वेटिव, ट्रांस फैट और केमिकल शरीर में हानिकारक बदलाव पैदा करते हैं। इसके साथ ही तंबाकू और शराब का सेवन भी कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है।

प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड बढ़ाते हैं खतरा

चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और रेडी-टू-ईट फूड में आर्टिफिशियल फ्लेवर, प्रिजर्वेटिव और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। ये तत्व शरीर में सूजन और कैंसरकारी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं। कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन पेट और आंत से जुड़े कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

रेड और प्रोसेस्ड मीट का सीमित सेवन करें

अगर रोजाना या अधिक मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का सेवन किया जाता है, तो यह भी कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रोसेस्ड मीट को कैंसरकारक श्रेणी में रखा है। इनमें मौजूद केमिकल प्रिजर्वेटिव और अधिक वसा आंतों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है, जबकि ज्यादा रेड मीट खाने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो कैंसर के विकास में सहायक हो सकती है।

ज्यादा मीठे पेय पदार्थ भी हैं नुकसानदेह

अत्यधिक चीनी का सेवन सीधे कैंसर का कारण भले न बने, लेकिन यह मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिन्हें कैंसर के बड़े जोखिम कारक माना जाता है। सॉफ्ट ड्रिंक्स, मीठे पेय और शुगर युक्त जूस ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर स्तन, लिवर और अग्न्याशय के कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। साथ ही अधिक चीनी शरीर में क्रॉनिक सूजन को बढ़ावा देती है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के पनपने की संभावना बढ़ जाती है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार का आहार परिवर्तन करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

(साभार)

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