Flash Story
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश
नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
पाबौ क्षेत्र को मिली 16.18 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, सात किमी सड़क का होगा निर्माण
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
प्रशासनिक प्रशिक्षण में कार्मिकों को दी गयी एसीपी और वेतन निर्धारण की जानकारी
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तराखंड कांग्रेस में शामिल हुए कई नेता, 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई
रात में नाभि पर सरसों का तेल लगाने का चलन, जानिए त्वचा और पेट से जुड़े दावों की सच्चाई

बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

राजधानी दिल्ली में बारिश ने 88 वर्षो का रिकॉर्ड तोड़ते हुए जन-जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले सात दिन तेज वष्रा की संभावनाएं जताई जा रही हैं। भारी बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में भी काफी गिरावट आई है। मगर कई इलाकों में जल-भराव के चलते दिल्ली के सारे विकास की हालत पस्त हो गई है। मानसून आगमन के कारण हुई तीन घंटों तक मूसलाधार बरसात के कारण दिल्ली हवाई अड्डे में छत का एक हिस्सा गिरने से एक वाहन चालक की मौत हो गई। साथ ही, अन्य संबंधित घटनाओं में भी सात अन्य लोगों की अलग-अलग मौत हो गई। पुलिस अभी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

भीषण गर्मी के मार झेल रहे दिल्ली वाले मानसून के बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मगर सामान्य से दो दिन पूर्व हुई इस जबरदस्त बरसात ने रहवासियों को बुरी तरह भयभीत कर दिया है। मोहल्ले और  बस्तियां ही पानी में नहीं डूबी हैं, बल्कि कई अति व्यस्त अंडरपास भी बरसात के पानी से लबालब भर गए। समूची दिल्ली ट्रैफिक जाम के चलते थम सी गई। यह कोई पहली बार नहीं है, जब दिल्लीवासियों को जल भराव जैसी समस्या से जूझना पड़ रहा है। हर साल राज्य सरकार का तंत्र घोर लापरवाही करता रहता है और अंत में केंद्र सरकार पर सारा ठीकरा फोडक़र अपने र्ढे पर चल पड़ता है।

दिल्ली ही नहीं, प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रति वर्ष देश भर में जनता को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सैकड़ों मौते होती हैं, और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। सिर्फ चमचमाती सडक़ों, फ्लाईओवरों और  दमकती रोशनी को विकास का पर्याय नहीं माना जा सकता। बल्कि पानी की उचित निकासी और बरसाती पानी के भंडारण की सटीक व्यवस्था की जरूरत ज्यादा है। दरअसल, यह दिल्ली की ही समस्या नहीं है, बल्कि देश के तमाम बड़े शहरों और महानगरों में बारिश होते ही सवाल उठते लगते हैं कि हमारे विकास में क्या खामियां हैं, जो एक ही बारिश में शहर पानी-पानी हो जाते हैं।

बरसात में लोगों की परेशानी पर किसी को तो जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। केंद्र की भी जिम्मेदारी है कि मौसम की मार से जनता को बचाने की पूर्व तैयारियों पर जोर दे। राज्य सरकारों को भी सख्ती से मुस्तैद रहने की नसीहतें दी जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top