Flash Story
SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू
SDRF के साहसिक अभियान ने बचाई दो युवकों की जान, 150 मीटर गहरी खाई से किया सकुशल रेस्क्यू
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कराटे चैंपियनशिप के विजेताओं को किया सम्मानित
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा

एसजीआरआर विश्वविद्यालय को मिला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड

एसजीआरआर विश्वविद्यालय को मिला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित स्थिरता शिक्षा प्रशिक्षण के दौरान “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण आईसीटी अकादमी और हनीवेल वेंचर द्वारा एक सीएसआर पहल के तहत साझेदारी में पटेलनगर स्थित एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं क कॉमर्स स्टडीज के सेमीनार हाल में स्नातक की छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है।

27 फरवरी से शुरु इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर सतपाल कलसी ने बताया गया कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए स्नातक विद्यार्थियों के लिए स्थिरता शिक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है। प्रशिक्षण 13 मार्च तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आईपीसीसी ने चेतावनी दी है कि विनाशकारी प्रभावों को रोकने के लिए हमें ग्लोबल वार्मिंग को औद्योगिक क्रांति-पूर्व स्तर से 1.5°C तक सीमित करने के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भी पर्यावरणीय खतरों को वैश्विक स्थिरता के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक बताया है। लगभग 10 लाख प्रजातियां मानव गतिविधियों के कारण विलुप्ति के कगार पर हैं, इसकी गंभीरता को देखते हुए स्नातकों के लिए पारिस्थितिक, सामाजिक और आर्थिक प्रणालियों के परस्पर संबंध को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

इसके अलावा स्थिरता ज्ञान से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। 86% नियोक्ता इसे महत्व देते हैं। साथ ही, कंपनियां भी स्थिरता संबंधी पहलों के वित्तीय लाभ को स्वीकार कर रही हैं, जिससे आर्थिक प्रदर्शन और शेयर बाजार में लाभ भी बेहतर हो रहा है।

भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में अपनी आईसीटी अकादमी और हनीवेल ने कॉलेज के विद्यार्थियों को स्थिरता अध्ययन में प्रशिक्षित करने की एक नई पहल की है। यह प्रशिक्षण उन्हें संगठनों और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक नई पीढ़ी के कुशल पेशेवर तैयार किए जाएंगे जो वैश्विक स्तर पर स्थिरता में योगदान दे सकें।

इस मौके पर कुलपति प्रो. कुमुद सकलानी, रजिस्ट्रार लोकेश गंभीर, सलाहकार प्रेजीडेंट प्रो. जेपी पचौरी, आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. दिब्या जुयाल, डीन एसएमसीएस प्रो. सोनिया गंभीर, प्रो. विपुल जैन, डा. दीप्ति, डा. ममता बंसल, डा. मोनिका बंगारी, ईशा शर्मा एवं आईसीटी के प्रतिनिधि आदित्य कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top