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उत्तराखंड में आज से SIR की शुरुआत, घर-घर पहुंचेंगे 11,733 बीएलओ

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डाटा मिलान नहीं होने पर मिलेगा नोटिस, नागरिकता और जन्म संबंधी दस्तावेज होंगे जरूरी

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो रही है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और उनकी जानकारी का सत्यापन करेंगे। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और त्रुटियों को दूर करना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेशवासियों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में 11,733 बीएलओ को गणना प्रपत्र वितरित कर दिए गए हैं। 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान बीएलओ मतदाताओं से संपर्क कर उनकी जानकारी एकत्र करेंगे और उसे बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटल रूप में दर्ज करेंगे। मतदाताओं को गणना प्रपत्र के साथ अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी उपलब्ध कराना होगा, हालांकि प्रारंभिक चरण में किसी प्रकार के दस्तावेज जमा नहीं किए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा भी शुरू की है, जिसके जरिए लोग घर बैठे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अभियान के बाद 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। इसके उपरांत 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी की जाएगी।

डेटा मिलान नहीं होने पर जारी होगा नोटिस

निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाएगी या जिनका विवरण वर्ष 2003 की मतदाता सूची के डेटाबेस से सत्यापित नहीं हो पाएगा, उन्हें संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को अपनी नागरिकता, जन्म तिथि और जन्म स्थान से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

जन्म वर्ष के आधार पर तय होंगे दस्तावेज

निर्वाचन आयोग ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मतदाताओं को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को केवल अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान से संबंधित एक वैध दस्तावेज देना होगा। वहीं, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने साथ माता या पिता में से किसी एक के जन्म संबंधी प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के जन्म स्थान और जन्म तिथि से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति भी उपलब्ध करानी होगी।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी, जिससे आगामी चुनावों के लिए विश्वसनीय मतदाता डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा।

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