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हिमाचल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी, 87 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप

हिमाचल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी, 87 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप

457 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित

अटल टनल रोहतांग की तरफ आवाजाही पर लगाई रोक

हिमाचल प्रदेश। लंबे समय बाद मौसम ने करवट बदली। रविवार को शिमला समेत हिमाचल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है, जबकि कांगड़ा, कुल्लू और बिलासपुर के नयना देवी में बूंदाबांदी हुई है। शिमला, कुफरी, सिरमौर के चूड़धार, नौहराधार, हरिपुरधार, चंबा के किलाड़ और मंडी के शिकारी देवी, कमरूनाग और शैटाधार में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। सिरमौर के छितकुल और किन्नौर कैलाश, लाहौल-स्पीति में रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कोकसर, सिस्सू, दारचा, जिस्पा, कुंजुम दर्रा समेत ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हुई है।

धर्मशाला के नड्डी और मैक्लोडगंज में फाहे गिरे। बर्फबारी के बाद सोमवार सुबह शिमला में हल्की धूप खिली, लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। ताजा बर्फबारी के बाद सोमवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में एक नेशनल हाईवे व 87 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। वहीं सोलन, शिमला, कुल्लू, मंडी, किन्नाैर, चंबा, सिरमाैर जिले में 457 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। रोहतांग सहित कोकसर में रविवार सुबह भी हल्की बर्फबारी हुई ऊपरी शिमला के लिए भी यातायात प्रभावित है। सड़क पर बर्फ जमने से फिसलन ज्यादा है। गाड़ियां स्किड हो रही हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने व जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। उधर, बर्फबारी के बाद अधिकतर क्षेत्रों में शीतलहर बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। 10 स्थानों पर न्यूनतम पारा माइनस में दर्ज किया गया है।

 उधर, रोहतांग सहित कोकसर में रविवार सुबह भी हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम को देखते हुए पर्यटकों की अटल टनल रोहतांग की तरफ आवाजाही को फिलहाल रोक दिया गया है।  ऊंची चोटियों पर एक दिन पहले हुई बर्फबारी के बाद मनाली व केलांग के बीच बस सेवा बाधित है। फिलहाल निगम की बसें न तो लाहौल भेजी जा रही हैं, न ही लाहौल से मनाली की ओर बसें आई हैं। कुल्लू व लाहौल में सोमवार को भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है।

जनपद सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को सीजन का पहला हिमपात हुआ। हल्की बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है। वहीं लंबे अरसे से बारिश और बर्फबारी की बाट जोह रहे किसानों और बागवानों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। गौरतलब है कि पिछले करीब ढाई महीने से जिले में बारिश नहीं हुई है। इसके चलते किसानों और बागवानों को परेशानियां झेलनी पड़ रहीं। बारिश नहीं होने से गेहूं, लहसुन और गुठलीधार फलों के बागीचे बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। बहराल क्षेत्र के इन इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है। इससे क्षेत्र के किसानों व बागवानों की आस जग गई है। उधर, बारिश से होने से लोगों को सूखी ठंड से होने वाली बीमारियों से भी राहत मिलेगी।

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