Flash Story
राजपुर क्षेत्र में गिरी दीवार,चपेट में आयी वृद्ध महिला, SDRF की तत्परता से बची महिला की जान
राजपुर क्षेत्र में गिरी दीवार,चपेट में आयी वृद्ध महिला, SDRF की तत्परता से बची महिला की जान
मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने नैनीताल को दी 96.71 करोड़ की योजनाओं की सौगात
8 जून से घर-घर जाकर गणना फार्म बांटेंगे BLO
8 जून से घर-घर जाकर गणना फार्म बांटेंगे BLO
शिक्षा विभाग में शिक्षकों व कार्मिकों के अटैचमेंट होंगे समाप्त: डाॅ. धन सिंह रावत
शिक्षा विभाग में शिक्षकों व कार्मिकों के अटैचमेंट होंगे समाप्त: डाॅ. धन सिंह रावत
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में 15 दिनों के भीतर मलबा हटाने, चैनलाइजेशन एवं पुनर्वास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में 15 दिनों के भीतर मलबा हटाने, चैनलाइजेशन एवं पुनर्वास कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण
हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण
विकास संवाद में उभरे जनसरोकार: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ हुआ व्यापक मंथन
विकास संवाद में उभरे जनसरोकार: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ हुआ व्यापक मंथन
विश्व पर्यावरण दिवस पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने साझा की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां
विश्व पर्यावरण दिवस पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने साझा की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां
आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए- मुख्य सचिव
आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए- मुख्य सचिव

सख्त कानून लागू

सख्त कानून लागू

सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू कर दिया है। इस एंटी-पेपर लीक कानून के तहत पेपर लीक या उत्तर-पुस्तिका से छेड़छाड़ करने पर कम से कम तीन साल की सजा होगी जिसे दस लाख तक के जुर्माने के साथ बढ़ा कर पांच साल तक भी किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चार महीने पहले ही लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक, 2024 को मंजूरी दे चुकी थीं। इस कानून का उद्देश्य यूपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिग भर्ती परीक्षाओं और  एनटीए द्वारा आयोजित अन्य तमाम परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकना है।

इस तरह के संगठित अपराध में शामिल लोगों पर अब न्यूनतम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इस कानून से पहले राज्यों में नकल रोकने और परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली को रोकने संबंधी कानून बनाए गए हैं। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश,  झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में ऐसे कानून हैं। हालांकि ये उस तरह के नतीजे देने में असफल रहे हैं, जिनके बलबूते परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जा सके।

इस नये कानून द्वारा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के प्रमुख और सदस्यों को लोक सेवक माना जाएगा ताकि उनके खिलाफ अपराध के साथ ही भ्रष्टाचार का मामला भी चलाया जा सके। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं पर उठने वाली उंगलियों के कारण युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है। बार-बार परीक्षा  प्रणालियों पर संदेह और उनकी पारदर्शिता धूमिल पडऩे के चलते प्रतियोगियों में निराशा व्याप्त होती जा रही है। चूंकि अब यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ गया है, इसलिए कोई भी पुलिस अधिकारी बगैर वारंट भी अपराधी को गिरफ्तार कर सकता है।

भले ही यह फैसला लेने में सरकार ने काफी ढिलाई बरती है लेकिन देर आयद दुरुस्त आयद क्योंकि उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए परीक्षार्थियों का समूचा भविष्य ही दांव पर लगा होता है। परीक्षाओं में धांधली होनहार युवाओं को नैतिक तौर पर बुरी तरह तोड़ देती है।
हालांकि सख्त कानून बनाने में वक्त लगता है। विशेषज्ञों की राय और विभिन्न दृष्टिकोणों से इसे उस सख्ती से लागू किया गया ताकि भविष्य में इस तरह का कोई संकट ही न खड़ा हो सके। साथ ही, इस तरह के अपराधियों पर लगाम कसी जा सके। देखा जाना है कि कानून सख्त किए जाने के बाद पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधलियों पर नकेल कसने में हम किसने सफल होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top