Flash Story
मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक मौका और मिलेगा- रेखा आर्या
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक मौका और मिलेगा- रेखा आर्या
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां
जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां
ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील
ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील
ईंधन बचत पर धामी सरकार सख्त, सरकारी वाहनों में 50% EV अनिवार्य
ईंधन बचत पर धामी सरकार सख्त, सरकारी वाहनों में 50% EV अनिवार्य
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20% स्टूडेंट्स हुए सफल
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20% स्टूडेंट्स हुए सफल
भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए- गणेश जोशी
भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए- गणेश जोशी
नानकमत्ता में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक समेत दो लोगों की मौत
नानकमत्ता में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक समेत दो लोगों की मौत

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: निजी संपत्तियों पर सरकार नहीं कर सकती कब्जा

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: निजी संपत्तियों पर सरकार नहीं कर सकती कब्जा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार को निजी संपत्तियों पर सरकारी अधिकार को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में 8-1 के बहुमत से यह निर्णय लिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी निजी संपत्तियों को सामुदायिक संसाधनों के रूप में नहीं देखा जा सकता, जिन्हें राज्य सरकार आम भलाई के लिए अपने कब्जे में ले सके।

हर निजी संपत्ति पर सरकारी अधिकार नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39 (बी) के तहत सभी निजी संपत्तियों को ‘समुदाय के भौतिक संसाधनों’ का हिस्सा नहीं माना जा सकता और न ही राज्य उन्हें ‘सार्वजनिक भलाई’ के नाम पर अपने अधिकार में ले सकता है। कोर्ट ने 1978 से संबंधित कई पुराने फैसलों को पलटते हुए कहा कि केवल कुछ संपत्तियां ही सामुदायिक भलाई के लिए उपयुक्त हो सकती हैं, लेकिन सभी संपत्तियों पर सरकारी अधिकार नहीं बनता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top