Flash Story
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
हरिद्वार कुंभ-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें: सतपाल महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस ने बताई जांच से सजा तक की पूरी कहानी
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्य सचिव
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ- मुख्यमंत्री धामी
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन

कल सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

कल सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

भगवान बद्रीनाथ की डोली पहुंची धाम

15 कुंतल फूलों से सजाया गया मंदिर 

बड़ी संख्या में बद्रीनाथ पहुंचे श्रद्धालु

देहरादून।  केदारनाथ, गंगोत्री- यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। भगवान बदरीनाथ की डोली आज शनिवार को धाम पहुंच गई है। बदरीविशाल के जयकारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं। 15 कुंतल फूलों से बदरीनाथ मंदिर को सजाया जा रहा है। कल रविवार सुबह छह बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सबसे पहले भगवान बदरी विशाल को यात्राकाल में लगाए जाने वाले तेल को पिराने(पीसने) की प्रक्रिया शुरू हुई। परंपरा है कि भगवान बदरी विशाल को प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे स्नान कराया जाता है। स्नान के उपरांत तिलों के तेल से भगवान बदरी विशाल का लेपन (मालिश) की जाती है।

तिलों के तेल को भगवान के अभिषेक के लिए शुद्ध माना जाता है। साथ ही इसे अखंड ज्योति में भी प्रयोग किया जाता है। इसलिए इस तेल को सिलबट्टे पर पीसा जाता है। जिससे इसमें कोई मिलावट न हो। परंपरा है कि यह तेल सुहागिन महिलाएं ही पिरोती हैं। यह तेल टिहरी राजदरबार की महारानी के साथ मिलकर पीसा जाता है। इसके बाद इसे एक कलश में रखा जाता है जिसे गाडू घड़ा कहते हैं।

महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह की मौजूदगी में शहर की कई सुहागिनों ने तेल निकाला। गणेश पूजन, मूसल पूजन, ओखल पूजन और अग्नि पूजन के बाद शहर की कई सुहागिनों और महारानी ने पीले वस्त्र धारण कर तिलों को कढ़ाई में भूना और ओखली और सिलबट्टा में पिसाकर तेल निकाला। गाडू घड़े को 12 मई को सुबह बदरीनाथ के कपाट खुलने के मौके पर गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

गाड़ू घड़ा यात्रा उद्धव और कुबेर की डोली के साथ बदरीनाथ धाम पहुंच गई है। कल रविवार सुबह छह बजे बजे बदरीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही गाडू घड़े को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद रोजाना भगवान बदरी विशाल को इस तेल का लेपन किया जाएगा।  चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच तीनों धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले गए। पहले दिन करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top