Flash Story
यमकेश्वर के अरविन्द पयाल ने गांव में ही तलाशा रोजगार का रास्ता, मुर्गी पालन से बने आत्मनिर्भर
यमकेश्वर के अरविन्द पयाल ने गांव में ही तलाशा रोजगार का रास्ता, मुर्गी पालन से बने आत्मनिर्भर
बड़ी खबर :कर्णप्रयाग में धारदार हथियारों से हमला करने वाले 4 निहंग यात्री गिरफ्तार, तलवार बरामद; 3 आरोपी जेल भेजे गए
बड़ी खबर :कर्णप्रयाग में धारदार हथियारों से हमला करने वाले 4 निहंग यात्री गिरफ्तार, तलवार बरामद; 3 आरोपी जेल भेजे गए
उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताः डॉ आशीष चौहान
उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताः डॉ आशीष चौहान
विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सचिवालय परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री
विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सचिवालय परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री
खेत में पानी चलाने को लेकर हुए विवाद में युवक की मौत, सहसपुर पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
खेत में पानी चलाने को लेकर हुए विवाद में युवक की मौत, सहसपुर पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
प्रदेश दौरे पर पहुंची कांग्रेस प्रभारी ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, संगठन मजबूती और चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन
प्रदेश दौरे पर पहुंची कांग्रेस प्रभारी ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, संगठन मजबूती और चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया के कार्यालय का  किया शुभारंभ
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया के कार्यालय का किया शुभारंभ
डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण, व्यवस्थाएं बेहतर करने के दिए निर्देश
डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण, व्यवस्थाएं बेहतर करने के दिए निर्देश
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने की विभागीय समीक्षा बैठक, आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा संघ की मांगों पर बनी सहमति
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने की विभागीय समीक्षा बैठक, आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा संघ की मांगों पर बनी सहमति

गर्मी से हाल बेहाल और जल संकट

गर्मी से हाल बेहाल और जल संकट

गर्मी के कारण हाल बेहाल है। समूचा उत्तर भारत तप रहा है। बुजुर्गों की स्मृति में भी नहीं है कि उन्होंने पहले कभी इतनी प्रचंड गर्मी की लगातार मार सही हो। दिल्ली और एनसीआर जैसे क्षेत्रों से लू के कारण मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। और दूसरी तरफ जब देश की राजधानी दिल्ली में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है तो देश के जलाभाव वाले क्षेत्रों में क्या स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना कठिन नहीं है। जो हो रहा है, वह अनायास या अचानक नहीं हो रहा है। दुनिया भर के पर्यावरणविद् और जलवेत्ता वर्षो से इस स्थिति की आशंका के प्रति चेतावनी जारी करते रहे हैं। भारत में भी बदलते तापमान और तद्जन्य समस्याओं को लेकर लगातार अपनी बातें सामने रखते रहे हैं।

पानी के संकट को लेकर और देश भर में भूजल स्तर की डरावनी गिरावट को लेकर भी चेतावनियां जारी होती रही हैं। इसका कारण खोजने के लिए अतिरिक्त अन्वेषण की जरूरत नहीं है। असंतुलित विकास की भेंट चढ़े देश के वन जंगल, निर्ममता से नष्ट किए गए स्थानिक जल स्रेत और जल संसाधनों पर तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या के दबाव के कारण यह स्थिति पेश हुई है। देश भर में गांव-देहातों तक जिन छोटी-छोटी नदियों का जाल बिछा हुआ था और जो पोखर तालाब जल के संरक्षण के मुख्य वाहक होते थे, वे अब कहीं दिखाई नहीं देते। मनुष्य के अनियंत्रित लालच और हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार ने स्थितियों को कई गुना जटिल किया है तिस पर राजनीतिक दलों की बेहयाई समस्या की आग में घी डालती रहती है।

सबसे ज्यादा मौजूदा उदाहरण इस समय दिल्ली का है। दिल्ली में दिल्लीवासियों की कथित सेवा को समर्पित आम आदमी पार्टी की सरकार है, और केंद्र में देश हित के लिए जीने-मरने का दावा करने वाली भाजपा सरकार है और तमाशा यह है कि दोनों ही पार्टियों के प्रतिनिधि दिल्ली के जल संकट के लिए एक दूसरे पर पूरी बेशर्मी से हल्ला बोल रहे हैं। जब दिल्ली के लोग पानी के लिए त्राहि त्राहि कर रहे हैं उस समय दो जिम्मेदार पार्टियों और उनकी सरकारों के इस रवैये को शर्मनाक ही कहा जा सकता है।

कहने में कोई संकोच नहीं कि अगर वास्तविक समस्याओं के प्रति जिम्मेदारी राजनीतिक दलों को रुख इतना गैर-जिम्मेदार है, तो देश और इसकी राजधानी को आने वाले भयानक संकटों से कोई नहीं बचा पाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top