Flash Story
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

भूस्खलन शमन, भूविज्ञान और भवन अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ कर रहे स्थलीय जांच

धराली। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में नुकसान और घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए शासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची। टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार और ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मलबे के नमूनों का संग्रह किया, खीरगाड़ के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के फैलाव का अध्ययन किया तथा स्थानीय निवासियों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाई। जांच का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top