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सुमात्रा में मूसलाधार बारिश का कहर, बाढ़–भूस्खलन से 10 की मौत, 2,000 से ज्यादा घर जलमग्न

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राहत शिविर बनाए गए, लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील

मेदान सुमात्रा।  इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में लगातार हो रही तेज बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार पिछले सप्ताह से जारी मानसूनी बारिश के कारण कई नदियों के तटबंध टूट गए, जिससे हालात और बिगड़ गए।

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, उत्तर सुमात्रा के पहाड़ी इलाकों में कीचड़, चट्टानों और बड़े-बड़े पेड़ों के गिरने से व्यापक क्षति हुई है। कई गांवों में घर मलबे के नीचे दब गए हैं, जिससे राहत दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज़्यादा प्रभावित सिबोल्गा शहर में अब तक पांच शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मध्य तपनौली जिले में भूस्खलन के कारण कई मकान ढह गए, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। बाढ़ से करीब 2,000 घर और सार्वजनिक भवन जलमग्न हो गए हैं।

दक्षिण तपनौली जिले में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है। मंडेलिंग नटाल जिले में एक पुल बह गया और 470 से अधिक घर पानी में डूब गए। नियास द्वीप पर कीचड़ और मलबे के ढेर ने मुख्य सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।

सिबोल्गा के पुलिस प्रमुख एडी इंगंटा ने बताया कि प्रशासन ने आपातकालीन राहत शिविर स्थापित कर दिए हैं और खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार हो रही बारिश नए भूस्खलन का खतरा बढ़ा रही है। खराब मौसम और रास्तों के बाधित होने के कारण बचाव अभियान भी धीमा पड़ गया है।

उधर, राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने जावा द्वीप के दो जिलों में 10 दिनों से चल रहे राहत अभियान की समाप्ति की घोषणा की थी, लेकिन ठीक उसके बाद ही सुमात्रा में बाढ़ और भूस्खलन का नया संकट पैदा हो गया। मध्य जावा के सिलाकैप और बंजारनेगारा जिलों में भूस्खलन से हुई तबाही में अब तक 38 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

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