Flash Story
चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, श्रद्धालु अफवाहों पर न दें ध्यान- हेमंत द्विवेदी
चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, श्रद्धालु अफवाहों पर न दें ध्यान- हेमंत द्विवेदी
शिक्षा विभाग में नये निदेशक के लिये जोर आजमाइश शुरू
शिक्षा विभाग में नये निदेशक के लिये जोर आजमाइश शुरू
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना का असर, उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में मिली नर्स की नौकरी
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना का असर, उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में मिली नर्स की नौकरी
तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या
तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या
रिखणीखाल पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण
रिखणीखाल पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण
हल्द्वानी में जूते के शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ राख
हल्द्वानी में जूते के शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ राख
श्रद्धा कपूर की नई फिल्म ‘ईठा’ का टीजर रिलीज
श्रद्धा कपूर की नई फिल्म ‘ईठा’ का टीजर रिलीज
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का शिकंजा, ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

कच्चे मकान की दीवार ढहने से मां-बाप और दो मासूम बच्चों की गई जान, गांव में पसरा मातम

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ओडाटा गांव के मोरा तोक में एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ चार जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

हादसे में 26 वर्षीय गुलाम हुसैन, उनकी 23 वर्षीय पत्नी रुकमा खातून, तीन साल का बेटा आबिद और दस माह की बेटी सलमा की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ, जब सभी गहरी नींद में थे। तेज बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, और अचानक ढहने से पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक सभी की सांसें थम चुकी थीं। तहसीलदार जब्बर सिंह असवाल ने पुष्टि की कि मलबा काफी भारी था और समय पर बचाव मुश्किल हो गया। प्रारंभिक जांच में कमजोर दीवार और बारिश को हादसे की वजह बताया गया है।

गांव में मातम पसरा हुआ है। मासूम बच्चों की किलकारियों से गूंजता आंगन अब खामोश है, और हर आंख नम है। यह हादसा एक कड़वा सबक भी है—कि असुरक्षित मकानों की समय रहते मरम्मत न हो तो जानलेवा साबित हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top