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ट्रंप के बयान से फिर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

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रूस से तेल आयात पर भारत-अमेरिका के रिश्तों में बढ़ी तनातनी

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत के रूस से तेल आयात का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार उठा रहे हैं, जिससे मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले पांच दिनों में तीन बार इस विषय को सार्वजनिक रूप से उठाया है, जबकि भारत का विदेश मंत्रालय इस तरह की किसी बातचीत से इनकार कर चुका है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले पांच दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप तीन बार भारत के रूस से तेल आयात के मुद्दे पर बोल चुके हैं। और यह तो तय है कि बुडापेस्ट में पुतिन से मुलाकात से पहले वे इसे बार-बार दोहराएंगे।”

ट्रंप बोले—मोदी ने रूस से तेल न खरीदने का दिया आश्वासन, भारत ने किया खंडन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई है, जिसमें भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी बातचीत की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में ट्रंप ने मंत्रालय के खंडन को “गलत” बताते हुए अपनी बात पर अड़े रहे।

ट्रंप की फिर चेतावनी—भारत नहीं मानेगा तो देना होगा भारी शुल्क

सोमवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता, तो उसे भारी आयात शुल्क का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को समझना होगा कि वह किस पक्ष में खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके “अच्छे दोस्त” हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा—हालांकि भारतीय पक्ष ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।

रूस को आर्थिक मदद देने का आरोप

अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दे रहा है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है।
अब कुल मिलाकर अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ा दिया है।

कांग्रेस ने पूछा—विदेश नीति पर कौन सच बोल रहा है?

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की बातों में से किसे सच माना जाए। पार्टी ने कहा कि यदि ट्रंप के बयान सही हैं, तो भारत की विदेश नीति और संवाद की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

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