Flash Story
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त

दून अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

दून अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

डॉ अमर उपाध्याय बोले कम धड़कन और हार्ट फेलियर वाले मरीजों को नए तकनीक से होगा ज़्यादा फायदा

देहरादून। दून अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में पेस मेकर लगाने के नए तकनीक पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमे अलग अलग जगहों से आए कार्डियोलॉजिस्ट ने तकनीक के बारे में जानकारी हासिल की

कार्यशाला की शुरुआत डॉ अमर उपाध्याय के दो व्याख्यान से की गई , जिसमे पेसमेकर प्रोग्रामिंग और कंडक्शन सिस्टम पेसिंग के बारे में बताया गया। और अगले दिन दो मरीजों का इलाज नई तकनीक से किया गया।कार्यसाला की रूप रेखा डॉ योगेंद्र सिंह , डॉ अनिल राठी , डॉ सलिल गर्ग, डॉ अमर पाल गुलाटी जैसे वरिष्ठ कार्डियोलॉजी ने बनायी। एम्स अस्पताल के एडिशनल प्रोफेसर डॉ बरुन कुमार ने बताया कि परंपरागत तकनीक की तुलना में नई तकनीक जायदा कारगर है।

दून अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अमर उपाध्याय ने बताया की कम धड़कन और हार्ट फेलियर वाले मरीजों को नए तकनीक से ज़्यादा फायदा होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top