Flash Story
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण
देहरादून में भागवत कथा के दौरान चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
देहरादून में भागवत कथा के दौरान चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का प्रदर्शन
BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का प्रदर्शन
कीव पर रूसी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत, 33 घायल
कीव पर रूसी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत, 33 घायल
डिमटा बैंड के पास NH-707A का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह ठप
डिमटा बैंड के पास NH-707A का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह ठप

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

घांघरिया से रवाना हुआ पहला दल, बर्फबारी से क्षतिग्रस्त रास्ते किए गए दुरुस्त

चमोली – उत्तराखंड की प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी का द्वार एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। एक जून की सुबह घाटी के प्रवेश द्वार से पहला पर्यटक दल रवाना हुआ, marking the beginning of the eagerly awaited पर्यटन सीजन।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस घाटी की पगडंडियों पर पहले दिन 49 पर्यटकों ने कदम रखे, जिनमें अधिकांश ने स्थल पर पहुंचकर पंजीकरण कराया, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से एडवांस बुकिंग की थी।

हर वर्ष हजारों की संख्या में सैलानी इस अलौकिक घाटी की सैर को आते हैं, जो अपने रंग-बिरंगे फूलों, हिमालयी घाटियों और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। घाटी का प्रवेश हर साल 1 जून को खोला जाता है और 31 अक्टूबर तक सीमित रहता है, जिसके बाद इसे शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है।

वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि रास्तों की मरम्मत, अस्थायी पुलों का निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएँ समय रहते पूरी कर ली गई हैं, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।

फूलों की घाटी में जुलाई-अगस्त के दौरान सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जब 350 से ज्यादा किस्मों के फूल खिलते हैं। पूरे सीजन में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियाँ यहां देखी जा सकती हैं। इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी सक्रिय किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top