Flash Story
अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार को मिलेगी जाम से राहत, एनएचएआई की दो बड़ी परियोजनाएं अंतिम चरण में
अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार को मिलेगी जाम से राहत, एनएचएआई की दो बड़ी परियोजनाएं अंतिम चरण में
खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ,₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ,₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति सामान्य, प्रशासन और निहंग समुदाय के बीच सकारात्मक वार्ता जारी
पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति सामान्य, प्रशासन और निहंग समुदाय के बीच सकारात्मक वार्ता जारी
20 साल का इंतजार खत्म: रामदयालपुर में इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग का लोकार्पण
20 साल का इंतजार खत्म: रामदयालपुर में इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग का लोकार्पण
पंतनगर विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ, कृषि के भविष्य और नवाचार पर हुआ मंथन
पंतनगर विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ, कृषि के भविष्य और नवाचार पर हुआ मंथन
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली
बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी
बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी
बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्य निर्वाचन अधिकारी
बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

विश्व पर्यावरण दिवस पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने साझा की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां

विश्व पर्यावरण दिवस पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने साझा की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां

देहरादून-  विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Inspired by Nature. For Climate. For Our Future.” के अवसर पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने उत्तराखंड में अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 की अपनी प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया।

संस्था ने वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न समुदाय आधारित कार्यक्रमों, सफाई अभियानों एवं पुनर्चक्रण पहलों के माध्यम से 1,081 मीट्रिक टन (10.81 लाख किलोग्राम) सूखे कचरे का संग्रहण तथा 364 मीट्रिक टन (3.64 लाख किलोग्राम)प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रसंस्करण किया। यह कार्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब हिमालयी क्षेत्र में कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की वार्षिक रिपोर्ट पर आधारित अनुमानों के अनुसार भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में प्रतिवर्ष 19 लाख टन से अधिक कचरा उत्पन्न होता है, जो लगभग 9 लाख एशियाई हाथियों के कुल वजन के बराबर है।

वेस्ट वॉरियर्स वर्तमान में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनमें हर्रावाला (वार्ड 97), धनोला ग्राम पंचायत, गोविंद वन्यजीव विहार के आसपास के गांव एवं ट्रेकिंग मार्ग, कैम्पटी फॉल्स पर्यटन क्षेत्र, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांव, आसन वेटलैंड क्षेत्र तथा स्वच्छता एक्सप्रेस पहल शामिल हैं।

संस्था अपने अभिनव ‘पर्यावरण सखी मॉडल’ के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को कचरा संग्रहण, पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जोड़ रही है। यह मॉडल महिलाओं के लिए सम्मानजनक एवं सतत आजीविका के अवसर भी सृजित कर रहा है।

इस अवसर पर वेस्ट वॉरियर्स संस्था के एसोसिएट डायरेक्टर नवीन कुमार सडाना ने कहा, “वर्ष 2025-26 के दौरान 10 लाख किलोग्राम से अधिक सूखे कचरे का संग्रहण और 3.5 लाख किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रसंस्करण सामुदायिक सहभागिता की शक्ति को दर्शाता है। बढ़ते कचरा संकट से निपटने के लिए स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण अवसंरचना और जन-जागरूकता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top