Flash Story
मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक मौका और मिलेगा- रेखा आर्या
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक मौका और मिलेगा- रेखा आर्या
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां
जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां
ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील
ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील
ईंधन बचत पर धामी सरकार सख्त, सरकारी वाहनों में 50% EV अनिवार्य
ईंधन बचत पर धामी सरकार सख्त, सरकारी वाहनों में 50% EV अनिवार्य
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20% स्टूडेंट्स हुए सफल
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20% स्टूडेंट्स हुए सफल
भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए- गणेश जोशी
भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए- गणेश जोशी
नानकमत्ता में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक समेत दो लोगों की मौत
नानकमत्ता में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक समेत दो लोगों की मौत

आजकल क्यों बढ़ रहा किडनी डैमेज का खतरा, आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय

आजकल क्यों बढ़ रहा किडनी डैमेज का खतरा, आइये जानते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय

किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। ये रक्त को फिल्टर करके अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, शरीर में द्रव संतुलन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के चलते शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग की सेहत पर गंभीर असर होता जा रहा है।

किडनी, हार्ट और लिवर की बीमारियां कुछ दशकों पहले तक उम्र बढ़ने के साथ देखी जाती थीं, हालांकि अब कम उम्र के लोग न सिर्फ इसका शिकार हो रहे हैं, बल्कि इसके कारण मौत के मामले भी बढ़े हैं।

किडनी डैमेज होने को जानलेवा स्थिति के रूप में जाना जाता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर रही होती है तो शरीर में विषाक्त पदार्थ बढ़ने लग जाते हैं, खून में अशुद्धि बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है। अगर किडनी की इस समस्या का समय पर पता न चले या इलाज न हो पाए तो इसके कारण जान भी जा सकती है।

अब सवाल उठता है कि आखिर किडनी डैमेज क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

क्रोनिक किडनी डिजीज का बढ़ता खतरा

साल 2022 के आंकड़ों के मुताबिक क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रही है, जो दुनियाभर में 10% से अधिक आबादी को प्रभावित करती है। पिछले दो दशकों में इससे संबंधित मौतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि भी हुई है।

भारतीय आबादी के लिए भी ये समस्या गंभीर रही है। महाराष्ट्र में 2018 से 2023 के बीच किडनी फेलियर से होने वाली मौतें दोगुनी हो गईं, जबकि 2022 और 2023 के बीच मौतों में 40% की वृद्धि देखी गई।

लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के अलावा कुछ अंतर्निहित बीमारियां भी किडनी को गंभीर रूप से प्रभावित करती जा रही हैं।

ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों में खतरा

किडनी डैमेज होने के जोखिमों को बढ़ाने वाली स्थितियों में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज प्रमुख है।

हाई ब्लड प्रेशर किडनी को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण और कमजोर कर देती है। यह किडनी से अपशिष्ट को छानने और तरल पदार्थों को संतुलित रखने में दिक्कत बढ़ा देती है। समय रहते अगर इसपर ध्यान न दिया जाए तो इससे किडनी डैमैज होने का जोखिम बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के अलावा शुगर लेवल बढ़ने से भी किडनी को नुकसान पहुंचता है। हाई शुगर के कारण किडनी में रक्त वाहिकाओं और फिल्टरिंग इकाइयों को क्षति होने लगती है। जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें किडनी डैमेज होने का खतरा भी अधिक होता है।

इन स्थितियों पर भी दें ध्यान

हाई ब्लड प्रेशर और हाई शुगर के अलावा भी कुछ स्थितियां किडनी को गंभीर रोगों का कारण बन सकती हैं।
दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक्स का लम्बे समय तक या अत्यधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है।
किडनी या मूत्र मार्ग में पथरी के कारण भी किडनी में सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
कुछ अनुवांशिक स्थितियां जैसे पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज, किडनी की संरचना और कार्य को प्रभावित करती है।

किडनी डैमेज से बचाव के उपाय

लाइफस्टाइल और आहार में सुधार के साथ ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल रखकर किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है।
फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लो वसा वाले आहार का सेवन करें। नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
नियमित शारीरिक गतिविधि से वजन, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल रहता है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है।
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी को विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करने में सहायता मिलती है।
दर्द निवारक दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह अनुसार ही करें और अनावश्यक दवाओं से बचें।
यूटीआई के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें ताकि संक्रमण किडनी तक न पहुंचे।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top