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कालेश्वरम परियोजना में हुई गड़बड़ी की जांच करेगी अब सीबीआई, सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा ऐलान

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रेवंत रेड्डी बोले– जनता का धन पिछली सरकार ने लूटा

हैदराबाद। तेलंगाना की महत्वाकांक्षी कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में हुई अनियमितताओं की जांच अब सीबीआई करेगी। न्यायमूर्ति पिनाकी घोष आयोग की रिपोर्ट पर विधानसभा में हुई लंबी बहस के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।

विधानसभा में कालेश्वरम परियोजना पर आयोग की रिपोर्ट को लेकर गरमागरम चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि परियोजना से जुड़े मामलों में अंतरराज्यीय मुद्दे, कई केंद्रीय एजेंसियां और वित्तीय संस्थान शामिल हैं, इसलिए इसकी जांच सीबीआई को सौंपना जरूरी है।

रेड्डी ने बताया कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और न्यायिक आयोग की रिपोर्टों ने भी परियोजना की गहन जांच की आवश्यकता बताई है। रिपोर्ट में डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिनके चलते मेदिगड्डा बैराज विफल हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लिए अब तक 49,835 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 29,956 करोड़ रुपये ब्याज और 19,879 करोड़ रुपये मूलधन शामिल है। पिछली बीआरएस सरकार ने ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर किया। हालांकि मौजूदा सरकार ने केंद्र से बातचीत कर 26,000 करोड़ रुपये का ऋण पुनर्गठन कराया है।

रेड्डी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जानबूझकर बैराज का स्थान बदलकर सार्वजनिक धन की लूट की। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को परियोजना में हुई अनियमितताओं का सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, बीआरएस ने इस रिपोर्ट को राजनीतिक साजिश बताते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने आरोप लगाया कि आयोग ने जांच प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया और पार्टी नेताओं को पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक फायदे के लिए लाई गई है।

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