Flash Story
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
नमक कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर? रोजमर्रा की इन आदतों पर दें ध्यान
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
पिनाराई विजयन को केरल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बेटी और दामाद की याचिकाएं भी खारिज
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
उत्तर कोरिया का नया सैन्य दांव, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइलों का किया परीक्षण
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, किए रामलला के दर्शन
देवप्रयाग में बड़ा सड़क हादसा, 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत
देवप्रयाग में बड़ा सड़क हादसा, 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत
लिंगानुपात में संतुलन के लिए जरूरी है सामाजिक जागरूकता और बेटियों का सम्मान- डीएम
लिंगानुपात में संतुलन के लिए जरूरी है सामाजिक जागरूकता और बेटियों का सम्मान- डीएम
त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी दून सख्त, लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी दून सख्त, लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की शिष्टाचार भेंट
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक
प्रमुख सचिव ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के आयोजन के सम्बन्ध में ली बैठक

डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में उठाया पंचायतों की आय बढ़ाने का मुद्दा, सरकार ने दिए जवाब

डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में उठाया पंचायतों की आय बढ़ाने का मुद्दा, सरकार ने दिए जवाब

नई दिल्ली/ उत्तराखंड: डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता से जुड़े एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दे को उठाया। उन्होंने पंचायतों की स्वयं के स्रोत से राजस्व (ओएसआर) जुटाने की क्षमता को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

सांसद ने राजीव रंजन सिंह से पूछा कि क्या सरकार ने पंचायतों की राजस्व जुटाने की क्षमता का आकलन किया है और क्या इस दिशा में डिजिटल उपायों तथा प्रोत्साहन योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

ओएसआर पर सरकार का आकलन

पंचायती राज मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि वर्ष 2022 में पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 से 2021-22 के बीच 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पंचायतों ने लगभग 25,595 करोड़ रुपये का ओएसआर एकत्र किया।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति ओएसआर मात्र 59 रुपये प्रति वर्ष पाया गया, जबकि राज्यों में इसमें भारी असमानता देखी गई। उदाहरण के तौर पर गोवा में यह आंकड़ा 1635 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष तक पहुंचता है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पंचायतों को राजस्व बढ़ाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे—

पुराने या अपर्याप्त राज्य स्तरीय नियम
कराधान अधिकारों का सीमित हस्तांतरण
पंचायतों की कर लगाने में अनिच्छा
नागरिकों का सीमित सहयोग
कमजोर प्रवर्तन प्रणाली

डिजिटल पहल: समर्थ पंचायत पोर्टल

राजस्व संग्रह को आधुनिक बनाने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने “समर्थ पंचायत पोर्टल” विकसित किया है। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से:

कर और गैर-कर मांग तैयार की जा सकती है
ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है
राजस्व की ट्रैकिंग संभव है

इस पोर्टल का सफल पायलट परीक्षण हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किया जा चुका है और अन्य राज्यों से भी इसे अपनाने का अनुरोध किया गया है।

प्रोत्साहन योजनाएं और पुरस्कार

सरकार पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी दे रही है। संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत वर्ष 2025 में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर “आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार” शुरू किया गया।

इस पुरस्कार के तहत:

प्रथम स्थान: 1 करोड़ रुपये
द्वितीय स्थान: 75 लाख रुपये
तृतीय स्थान: 50 लाख रुपये

इसके अलावा, वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 43,524 करोड़ रुपये के प्रदर्शन आधारित अनुदान की सिफारिश की है, जिसे ओएसआर बढ़ाने से जोड़ा गया है।

सरकार पंचायतों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, नीतिगत सुधार और प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top