Flash Story
धामी सरकार में राज्य संपत्तियों के विकास को रफ्तार
धामी सरकार में राज्य संपत्तियों के विकास को रफ्तार
नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर धामी सरकार का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों में छापेमारी
नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर धामी सरकार का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों में छापेमारी
अरुणाचल प्रदेश के अभिनेता ताई तुगुंग को प्रदान किया गया ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026’
अरुणाचल प्रदेश के अभिनेता ताई तुगुंग को प्रदान किया गया ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026’
स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून का ट्रैफिक प्लान जारी
स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून का ट्रैफिक प्लान जारी
केयर इकॉनॉमी को सुदृढ़ बनाने पर देहरादून में पहली विशेष कार्यशाला
केयर इकॉनॉमी को सुदृढ़ बनाने पर देहरादून में पहली विशेष कार्यशाला
आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती- डीएम
आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती- डीएम
गर्व, उत्साह और उमंग के साथ मनेगा आजादी का महापर्व
गर्व, उत्साह और उमंग के साथ मनेगा आजादी का महापर्व
मुख्यमंत्री धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की
मुख्यमंत्री धामी ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की
भूकंप से कांपा कोलंबिया, कई इमारतें ढही, 200 से ज्यादा लोगों की मौत
भूकंप से कांपा कोलंबिया, कई इमारतें ढही, 200 से ज्यादा लोगों की मौत

पिंडर घाटी में भारी बारिश से मकान और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त, 15 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

पिंडर घाटी में भारी बारिश से मकान और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त, 15 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

खोखले हुए मकान और धंसते रास्तों के कारण ग्रामीणों में दहशत

चमोली। भारी बारिश के कारण तहसील जिलासू के पिंडर घाटी में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई गांवों में पैदल रास्ते धंस गए, मकानों में दरारें पड़ीं और पौराणिक जल स्रोत भी भूस्खलन की चपेट में आ गए।

सगवाड़ा गांव में हुई भारी बारिश से एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि 15 अन्य परिवार खतरे में आ गए। इन परिवारों को पंचायत घर और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। बीती 22 अगस्त को भी इसी गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान गिर गया था, जिसमें एक युवती की मौत हो गई थी।

राड़ी गांव में घांघली गदेरे के उफान से कई ग्रामीण भयभीत हैं। जगदीश पंत, दिनेश पंत, मदन मोहन और मंजू गोसाई ने बताया कि उनके मकान नीचे से खोखले हो गए हैं और कभी भी गदेरे में बह सकते हैं।

एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि सगवाड़ा गांव में मलबे में दबे मकान में फिलहाल कोई नहीं था। खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

बारिश के चलते तहसील के गांवों में तबाही का सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top