Flash Story
देहरादून में जिला योजना समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों को मिले प्रमाण पत्र
देहरादून में जिला योजना समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों को मिले प्रमाण पत्र
ऐतिहासिक डोला-पालकी आंदोलन के द्वारा समाज में अलख जगाने का काम किया कर्मवीर जयानंद भारती ने: महाराज
ऐतिहासिक डोला-पालकी आंदोलन के द्वारा समाज में अलख जगाने का काम किया कर्मवीर जयानंद भारती ने: महाराज
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा, 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा, 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा
बांग्लादेश में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा, 33,851 पंडालों में हो रहे आयोजन
बांग्लादेश में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा, 33,851 पंडालों में हो रहे आयोजन
ज्यादा सफेद चावल खाने से बढ़ सकती हैं सेहत से जुड़ी परेशानियां, जानें किन बातों का रखें ध्यान
ज्यादा सफेद चावल खाने से बढ़ सकती हैं सेहत से जुड़ी परेशानियां, जानें किन बातों का रखें ध्यान
210 करोड़ की अवैध संपत्ति के आरोपों पर मंत्री रेखा आर्या का पलटवार, बोलीं— सभी आरोप निराधार, जांच के लिए तैयार
210 करोड़ की अवैध संपत्ति के आरोपों पर मंत्री रेखा आर्या का पलटवार, बोलीं— सभी आरोप निराधार, जांच के लिए तैयार
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा, ‘रणबाली’ ने भी पकड़ी रफ्तार; जानें ‘दृश्यम 3’ समेत बाकी फिल्मों की कमाई
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा, ‘रणबाली’ ने भी पकड़ी रफ्तार; जानें ‘दृश्यम 3’ समेत बाकी फिल्मों की कमाई
बुक्सा जनजाति बहुल गांवों को शत-प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश
बुक्सा जनजाति बहुल गांवों को शत-प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश

नए आपराधिक कानूनों को लागू किया जाना ऐतिहासिक कदम- राज्यपाल

नए आपराधिक कानूनों को लागू किया जाना ऐतिहासिक कदम- राज्यपाल

‘तीनों कानून आपराधिक न्याय प्रणाली में बहुत बड़ा बदलाव लाएंगे’

देहरादून। राजभवन में नए आपराधिक कानूनों के संबंध में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में तीन नए कानूनों, भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के बारे विस्तार से बताया गया। विधि परामर्शी राज्यपाल अमित कुमार सिरोही, प्रति-कुलपति उत्तरांचल विश्वविद्यालय प्रो. राजेश बहुगुणा और अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद ने प्रस्तुतीकरण दिए। वक्ताओं ने नए कानूनों की आवश्यकता और प्रभाव, आपराधिक कानूनों की बुनियादी अवधारणा और उसका विकास, आपराधिक कानूनों में बुनियादी परिवर्तन आदि के बारे में जानकारी दी।

सेमिनार में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि सदियों से चले आ रहे विभिन्न पुराने और गैर जरूरी कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थिति के अनुसार नए आपराधिक कानूनों को लागू किया जाना ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा नए कानून न्याय की अवधारणा को और मजबूत करेंगे और न्याय मिलने की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने में पुलिस और न्यायालयों की वृहद स्तर पर मदद करेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय आत्मा से बने ये तीनों कानून हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली में बहुत बड़ा बदलाव लाएंगे। अब हमारी न्याय प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी होगी जो भारत द्वारा, भारत के लिए और भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार संचालित होगी। ये कानून गुलामी की मानसिकता को मिटाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते है।

उन्होंने कहा कि नई न्याय प्रणाली सभी को पारदर्शी और त्वरित न्याय देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। नए कानून न्याय, समानता और निष्पक्षता के मूल सिद्धांतों के आधार पर लाए गए हैं साथ ही इनमें फोरेंसिक साइंस को बहुत महत्व दिया गया है। नए कानून नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ कानून व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि सभी को इन कानूनों की जानकारी होना जरूरी है।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव स्वाती एस भदौरिया, उप सचिव जी.डी. नौटियाल, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित राजभवन के अधिकारी/कर्मचारी एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी और लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top