Flash Story
धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
लामबगड़ में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप और किआ कार की भिड़ंत में 7-8 लोग घायल
लामबगड़ में भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप और किआ कार की भिड़ंत में 7-8 लोग घायल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर दून में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि

मच्छरों के काटने से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

मच्छरों के काटने से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

बरसात का मौसम आते ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है फाइलेरिया (हाथीपांव), जो मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। यह रोग धीरे-धीरे शरीर की लसीका नलिकाओं को प्रभावित कर देता है और पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य सूजन ला सकता है। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो मरीज के जीवन पर भारी असर पड़ता है।

भारत सरकार ने 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में 10 से 28 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को मुफ्त दवा दी जा रही है, जिसका सेवन करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दवा का सेवन करना ही संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे आसान और कारगर तरीका है।

बीमारी कैसे फैलती है?

संक्रमित मच्छर जब किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके शरीर में मौजूद कीड़े (पैरासाइट) खून के जरिए दूसरे इंसान में पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे उसकी लसीका नलिकाओं पर हमला करने लगते हैं। यही कारण है कि यह रोग गंदगी, खुले नाले और पानी के जमाव वाले इलाकों में ज्यादा फैलता है।

लक्षण और दिक्कतें

शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन धीरे-धीरे बुखार, दर्द और सूजन बढ़ने लगती है। पैरों में असामान्य सूजन आ जाती है, जिससे वे हाथी के पैर जैसे दिखने लगते हैं। पुरुषों में हाइड्रोसील (अंडकोश में पानी भरना) की समस्या भी हो सकती है।

बचाव के उपाय

हर साल सरकार की ओर से दी जाने वाली एमडीए दवा (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का सेवन जरूर करें।

गर्भवती महिलाओं, एक साल से छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों को यह दवा नहीं दी जाती।

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे फाइलेरिया समेत कई मच्छर जनित रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी और समय पर दवा का सेवन ही सबसे बड़ा बचाव है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top