Flash Story
मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा- मुख्यमंत्री
मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा- मुख्यमंत्री
अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी राखी
अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को भावुक पत्र के साथ भेजी राखी
सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त बने दीपेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव ने दिलाई पद की शपथ
सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त बने दीपेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव ने दिलाई पद की शपथ
शादी की खुशियां बदलीं मातम में, अमेरिकी हवाई हमले में 5 की मौत
शादी की खुशियां बदलीं मातम में, अमेरिकी हवाई हमले में 5 की मौत
‘हुंकार: द रोर’ का टीजर हुआ रिलीज़
‘हुंकार: द रोर’ का टीजर हुआ रिलीज़
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी
उत्तराखंड में मान्यता विहीन मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा, रुद्रपुर में एक और मदरसा सील
उत्तराखंड में मान्यता विहीन मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा, रुद्रपुर में एक और मदरसा सील
स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किया जा रहा था अनाधिकृत निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग की कार्रवाई
स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किया जा रहा था अनाधिकृत निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग की कार्रवाई
उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा
उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस दौरे पर भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र का किया दौरा

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा – सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा – सुप्रीम कोर्ट

सीएक्यूएम के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर नहीं हो रहा मुकदमा – सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि दिल्ली में हर साल बढ़ रही वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कोई भी मुकदमा नहीं चलाना चाहता।

न्यायमूर्ति एएस ओका ने कहा, “हर कोई जानता है कि चर्चा के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। यह कड़वी सच्चाई है। पीठ में न्यायमूर्ति ए अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति एजी मसीह भी शामिल थे। पिछले हफ्ते, अदालत ने सीएक्यूएम को एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा था, जिसमें दिल्ली की खराब हवा के प्रमुख कारणों में से पराली जलाने से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण मांगा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top