Flash Story
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गंगोत्री धाम में की पूजा-अर्चना
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गंगोत्री धाम में की पूजा-अर्चना
1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद
1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद
विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह
विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह
रोजाना ब्रोकली खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, हड्डियां भी होंगी मजबूत
रोजाना ब्रोकली खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, हड्डियां भी होंगी मजबूत
बांग्लादेश में ड्रम के अंदर मिला हिंदू ज्वैलर का शव, सिर-छाती पर धारदार हथियार के निशान
बांग्लादेश में ड्रम के अंदर मिला हिंदू ज्वैलर का शव, सिर-छाती पर धारदार हथियार के निशान
आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या
आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन
लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन

आपदा में सहारा बना श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, बसुकेदार पीड़ितों तक पहुँचाई राहत सामग्री

आपदा में सहारा बना श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, बसुकेदार पीड़ितों तक पहुँचाई राहत सामग्री

धराली से थराली और अब बसुकेदार तक विश्वविद्यालय ने मानवता की सेवा को दी नई दिशा

निःशुल्क उपचार और शिक्षा का संकल्प, आपदा पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण

करुणा और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बना एसजीआरआर विश्वविद्यालय

देहरादून। उत्तराखण्ड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली आपदाओं ने पहाड़ के लोगों की जीवन-यात्रा को हमेशा चुनौतीपूर्ण बनाया है। ऐसे समय में जब पहाड़ संकट की घड़ी से गुजर रहा हो, समाज के विभिन्न वर्गों से मिली मानवीय सहायता पीड़ितों के लिए संबल बन जाती है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने एक बार फिर इस संवेदनशील परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बसुकेदार (रुद्रप्रयाग) आपदा पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है।

गुरुवार को विश्वविद्यालय के माननीय सलाहकार विपिन चन्द्र घिल्डियाल और कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने राहत सामग्री से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राहत सामग्री से भरे वाहनों में खाद्यान्न, दवाइयां और दैनिक जीवन की अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। यह सामग्री स्थानीय प्रशासन एवं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के सहयोग से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।

विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि “ऐसे संकट के समय केवल औपचारिक मदद नहीं, बल्कि करुणा और सेवा का भाव ही सच्चा धर्म है। पीड़ित परिवारों को इस कठिनाई से उबरने की शक्ति मिले, यही हमारी प्रार्थना है।” उन्होंने विश्वविद्यालय समूह के सभी संस्थानों से अपील की कि वे राहत कार्यों में अधिक से अधिक सहयोग करें।

यह पहला अवसर नहीं है जब एसजीआरआर विश्वविद्यालय ने आपदा पीड़ितों के लिए कदम बढ़ाया हो। धराली (उत्तरकाशी) और थराली (चमोली) की तरह अब बसुकेदार (रुद्रप्रयाग) आपदा पीड़ितों के लिए भी श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने मदद का हाथ बढ़ाया है। उत्तरकाशी और चमोली आपदा प्रभावितों के लिए विश्वविद्यालय ने न केवल राहत सामग्री पहुंचाई थी, बल्कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में निःशुल्क उपचार और विश्वविद्यालय के कुछ पाठ्यक्रमों में प्रभावित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की सुविधा का प्रावधान किया था, इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब बसुकेदार आपदा पीड़ितों को भी अस्पताल में निःशुल्क उपचार और विश्वविद्यालय में निःशुल्क शिक्षा का संबल प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। यह पहल एसजीआरआर विश्वविद्यालय की निरंतर सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है।

इन पहलों ने यह प्रमाणित किया है कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि समाज की धड़कन भी हैं। जब कभी विपत्ति आती है, तो विश्वविद्यालय का यह सामाजिक उत्तरदायित्व उसे मात्र औपचारिकता से आगे बढ़ाकर सेवा की मिसाल बनाता है।

राहत कार्यों से जुड़े कई लोगों का कहना है कि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का यह प्रयास आपदा की विभीषिका में जूझ रहे परिवारों के लिए एक नई उम्मीद और विश्वास लेकर आया है। जिन लोगों ने धराली और थराली में विश्वविद्यालय की मदद देखी है, उनके लिए यह कदम एक संवेदनशील स्मरण है कि समाज का सहारा बनने वाली संस्थाएं ही असली धरोहर हैं।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की यह पहल केवल राहत सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है कि शिक्षा और सेवा का संगम ही समाज को सशक्त और संवेदनशील बनाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top